'सत्य की जीत हुई है,' हाईकोर्ट के आदेश के बाद बोले भाजपा नेता दुष्यंत गौतम
नई दिल्ली, 7 जनवरी (आईएएनएस)। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिलने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम ने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद दुष्यंत गौतम ने कहा कि यह 'सत्य की जीत' है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत करते हुए दुष्यंत गौतम ने कहा कि वे हमेशा संविधान और कानून के दायरे में चलते आए हैं। सत्यमेव जयते। अंत में सच की ही जीत होती है। न्यायपालिका पर हमें पूरा विश्वास है और आज अदालत के आदेश ने यह साबित कर दिया है कि झूठ कितनी देर तक टिक सकता है।
उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। दुष्यंत गौतम ने कहा कि एक बेटी की निर्मम हत्या को कांग्रेस लगातार राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। हर छह महीने बाद एक नया 'फिल इन द ब्लैंक' तैयार किया जाता है। कभी मेरा नाम जोड़ दिया जाता है, कभी किसी और का। इससे न तो सच्चाई सामने आती है और न ही पीड़ित बेटी को न्याय मिलता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) इस मुद्दे पर एक-दूसरे से जुड़कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। मेरी मानहानि की गई, मेरी छवि को नुकसान पहुंचाया गया और उस बेटी का बार-बार अपमान किया गया। सोशल मीडिया पर जो भी वीडियो और पोस्ट डाली गईं, उन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए।
दुष्यंत गौतम ने स्पष्ट किया कि घटना के समय वे उत्तराखंड गए ही नहीं थे। मेरी लोकेशन, कार्यक्रम और रिकॉर्ड साफ बताते हैं कि यह सब एक झूठा और द्वेषपूर्ण प्रचार था। इसके बावजूद लंबे समय तक मैंने चुप रहना ही उचित समझा, क्योंकि मैं सत्य पर था।
उन्होंने कहा कि लगातार आरोपों और सोशल मीडिया ट्रायल के कारण उन्हें मानसिक पीड़ा हुई। यह सच है कि मेरी छवि को नुकसान पहुंचा। मैं विचलित भी हुआ, दुखी भी। लेकिन जब पानी सिर के ऊपर चला गया और पूरे देश में यह झूठ फैलाया जाने लगा, तब मुझे मानहानि का मुकदमा दर्ज कराना पड़ा।
जब उनसे पूछा गया कि विपक्ष उन्हें ही निशाना क्यों बना रहा है, जबकि वे न तो उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हैं और न ही मंत्री, तो उन्होंने कहा, "मुझे सही कारण नहीं पता, लेकिन लगता है कि पार्टी को घेरने के लिए किसी नाम की जरूरत थी। पहले किसी और का नाम लिया जाता था, लेकिन जब बात दबने लगी तो मेरा नाम उछाल दिया गया।"
बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम की ओर से दायर मानहानि याचिका पर सुनवाई करते हुए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को निर्देश दिया है कि वे 24 घंटे के भीतर सभी सोशल मीडिया पोस्ट हटाएं, जिनमें उन्हें अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ा गया है। न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने अंतरिम आदेश में दोनों दलों को भविष्य में भी इस तरह की कोई सामग्री पोस्ट करने से रोक दिया है।
--आईएएनएस
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