'सत्ता परिवर्तन यात्रा' के जरिए जनता के बीच जाएगी आजाद समाज पार्टी, विपक्ष की भूमिका पर भी उठाए सवाल: चंद्रशेखर आजाद
लखनऊ, 30 मई (आईएएनएस)। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने शनिवार को आगामी चुनावी तैयारियों, विपक्ष की स्थिति, पंचायत चुनावों, जनता से जुड़े मुद्दों और पार्टी के राजनीतिक विजन को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करती है और उन सभी राजनीतिक तथा सामाजिक शक्तियों के साथ सहयोग करने को तैयार है जो उनके मुद्दों और भागीदारी की राजनीति का सम्मान करती हैं।
चंद्रशेखर आजाद ने आईएएनएस से कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में देश में एक मजबूत और वास्तविक विपक्ष दिखाई नहीं देता। अधिकांश राजनीतिक दल सत्ता हासिल करने की प्रतिस्पर्धा में लगे हुए हैं और विपक्षी एकता का दावा जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं देता।
उन्होंने विभिन्न राज्यों के चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में विपक्षी दलों ने कई स्थानों पर एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा है। ऐसे में विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्षी दल एक-दूसरे के खिलाफ ही चुनाव लड़ते रहेंगे तो जनता के सामने एक प्रभावी विकल्प प्रस्तुत नहीं कर पाएंगे।
आगामी चुनावों को लेकर अपनी पार्टी की तैयारियों का जिक्र करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि आजाद समाज पार्टी वर्ष 2022 से लगातार संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में पार्टी के गठन के चार वर्ष पूरे हो जाएंगे और इस दौरान संगठन को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं।
चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि 2024 के चुनाव में पार्टी ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से एक सीट पर जीत हासिल हुई, जबकि दूसरी सीट पर पार्टी तीसरे स्थान पर रही। उनके अनुसार चुनावी सफलता से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ता है और यही कारण है कि पार्टी कार्यकर्ता अब अधिक ऊर्जा और उत्साह के साथ मैदान में काम कर रहे हैं।
पंचायत चुनावों को लेकर उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार चुनाव कराने के लिए तैयार नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि सरकार को पहले से पता था कि पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन, उसकी रिपोर्ट और समीक्षा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में आरक्षण लागू किया जा सकता है। इसके बावजूद आवश्यक तैयारियां समय पर नहीं की गईं।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वह पहले से यह कह रहे थे कि सरकार पंचायत चुनाव कराने की स्थिति में नहीं है और आखिरकार ऐसा ही हुआ। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने जमीनी स्तर पर अपनी तैयारी पूरी कर ली है और इसी कारण अब ‘सत्ता परिवर्तन यात्रा’ के माध्यम से जनता के बीच जाने की योजना बनाई गई है।
उन्होंने बताया कि आजाद समाज पार्टी ने जनता के सामने 33 संकल्पों का एक विस्तृत खाका रखा है। उनके अनुसार, यदि पार्टी को सत्ता में आने का अवसर मिलता है तो वह किन क्षेत्रों में काम करेगी और किस प्रकार की नीतियां लागू करेगी, इसका पूरा ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है। इस दस्तावेज के माध्यम से जनता को पार्टी की सोच, प्राथमिकताओं और विकास के दृष्टिकोण की स्पष्ट तस्वीर मिल रही है।
जनता से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि प्रदेश की जनता इस समय कई समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बीच लोग बिजली कटौती से परेशान हैं और दूसरी ओर बिजली दरों में बढ़ोतरी का अतिरिक्त बोझ भी उन पर डाला गया है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई, रसोई गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों का जीवन कठिन बना दिया है। उनके अनुसार, जनता आर्थिक और सामाजिक दबाव का सामना कर रही है और सरकार उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान नहीं कर पा रही है।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी ‘सत्ता परिवर्तन यात्रा’ के माध्यम से प्रदेश के गांवों, कस्बों और शहरों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं को सुनेगी और उन्हें अपने राजनीतिक विजन से अवगत कराएगी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि जनता के दुख-दर्द को समझने और उनके मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास है। उनके अनुसार, आजाद समाज पार्टी का उद्देश्य समाज के वंचित, पिछड़े और कमजोर वर्गों को राजनीतिक भागीदारी दिलाना और उनके अधिकारों की आवाज को मजबूत करना है।
--आईएएनएस
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