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सरकार सदन में चर्चा के लिए तैयार,धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है विपक्ष की मांग : श्याम रजक

पटना, 23 जुलाई (आईएएनएस)। जदयू नेता श्याम रजक ने विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने छात्रों की मांगों को जायज बताया है, विपक्षी दलों पर छात्रों के नाम पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया है।
 

पटना, 23 जुलाई (आईएएनएस)। जदयू नेता श्याम रजक ने विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने छात्रों की मांगों को जायज बताया है, विपक्षी दलों पर छात्रों के नाम पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया है।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए श्याम रजक ने कहा कि यह बहुत अहम मुद्दा है। इसे लेकर युवाओं और छात्रों में गुस्सा है। हालांकि, ऐसे मामलों को बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है। भारत एक शांतिप्रिय देश है और यहां मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीकों से हल किया जाता है। इतिहास इसका गवाह है।

उन्होंने कहा, "सरकार ने स्थिति को संभालने में संयम बरता है। छात्रों को गुमराह करना और उन्हें ऐसी हरकतों के लिए उकसाना किसी भी सच्चे आंदोलन की भावना के खिलाफ है। शांतिपूर्ण विरोध तो ठीक है, लेकिन तोड़-फोड़ करना उपद्रवियों का काम है। संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, लोगों पर हमला करना या चाकू का इस्तेमाल करना जैसी हरकतें जायज विरोध का हिस्सा नहीं हो सकती हैं।"

श्याम रजक ने आगे कहा, "इसे उन लोगों का हौसला बढ़ाने की कोशिश कहा जा सकता है जो निराश और हतोत्साहित महसूस कर रहे हैं। हालांकि, एक राजनीतिक पार्टी का दूसरी राजनीतिक पार्टी के दफ्तर पर हमला करना लोकतांत्रिक राजनीतिक व्यवस्था का स्वभाव नहीं है। जिस तरह दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास पर कांग्रेस कार्यकर्ता जमा हुए और तनाव भड़काने की कोशिश की, वह बेहद निंदनीय है। भारतीय जनता पार्टी इसका विरोध कर रही है।"

उन्होंने कहा, भाजपा की ओर से किए गए विरोध का जवाब कांग्रेस ने पत्थरबाजी की। लोकतंत्र में कभी भी ऐसी चीजों का समर्थन नहीं होना चाहिए।

नीट मामले पर श्याम रजक ने कहा कि सरकार सदन में चर्चा करने के लिए तैयार है। लोगों की मांग के अनुसार सरकार चर्चा करने के लिए तैयार है, लेकिन धीरे-धीरे इनकी मांग बढ़ती ही जा रही है। उनकी ओर से कहा जा रहा है कि इस्तीफा दो, लेकिन इस्तीफे के लिए उनको तथ्य देने होंगे। तर्कविहीन बातें करके सिर्फ अपनी जिद मनवाना राष्ट्र हित में नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रद्रोह है। ये छात्रों और नौजवानों को गुमराह करने की बात है।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम