सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी : हर्ष संघवी
गांधीनगर, 10 जुलाई (आईएएनएस)। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सूरत में भारी वर्षा और बाढ़ से प्रभावित भटार के आंबेडकरनगर, आजादनगर, इंदिरानगर और रसूलाबाद के दो हजार प्रभावित परिवारों को शुक्रवार को कैश डोल्स, घरेलू सामान और कपड़ा सहायता सहित प्रति परिवार 6,800 रुपए की आर्थिक सहायता का वितरण किया।
संघवी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों से स्वच्छता बनाए रखने और प्रशासन द्वारा किए जा रहे डोर-टू-डोर सर्वेक्षण में पूरा सहयोग देने का अनुरोध किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि कोई भी प्रभावित परिवार सहायता से वंचित नहीं रहेगा और हर घर जाकर आर्थिक सहायता का भुगतान किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री संघवी ने आगे कहा कि वर्षा से प्रभावित सूरत ने फिर एक बार अपने अदम्य साहस, धीरज तथा एकता का परिचय दिया है। मुश्किल परिस्थितियां होने के बावजूद लोगों ने हिम्मत नहीं हारी है और वे सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ एक-दूसरे का सहारा बनकर साथ खड़े रहे हैं। जिन परिवारों, व्यापारियों तथा नागरिकों को माल-सामान का नुकसान हुआ है तथा उनकी आजीविका प्रभावित हुई है; ऐसे हर परिवार के लिए 6,800 रुपए की सहायता आर्थिक संबल बनेगी।
उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधि, राज्य सरकार के अधिकारी और कर्मचारी हर मुश्किल स्थिति में प्रभावितों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने जोड़ा कि यह आर्थिक सहयोग केवल आज तक के लिए सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पुनर्वास एवं सामान्य जीवन की ओर लौटने की समग्र यात्रा में सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।
सूरत में मूसलाधार वर्षा के कारण उत्पन्न हुई स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर तेजस परमार ने तत्काल सर्वेक्षण शुरू करने के निर्देश दिए। इसके तहत प्रांत अधिकारी (दक्षिण) वीजे भंडारी के मार्गदर्शन में मजूरा क्षेत्र के प्रभावितों का सर्वेक्षण कर उन्हें घरेलू सामान तथा मनरेगा योजनानुसार दैनिक मेहनताना सहित 6,800 रुपए की सहायता वितरित करने की कार्यवाही शुरू की गई। भंडारी के मार्गदर्शन में सूरत शहर में अब तक अनुमानित 2,500 से अधिक परिवारों को आर्थिक राहत प्रदान की गई है।
--आईएएनएस
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