सर्दियों में लगती है बार-बार भूख, जानें चिप्स या पॉपकॉर्न में से आपके लिए क्या है बेहतर
नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। सर्दियों के मौसम में पाचन अग्नि तेज होने की वजह से भूख बार-बार और जल्दी लगती है। खाना खाने के कुछ घंटों बाद ही तीखा, मसालेदार और खस्ता खाने का मन करता है। ऐसे में लोग भूख को शांत करने के लिए चाय के साथ चिप्स, नमकीन और तले-भुने खाद्य पदार्थों का सहारा लेते हैं, जो पाचन से लेकर हृदय को भी नुकसान पहुंचाते हैं।
ऐसी छोटी-छोटी भूख से निपटने के लिए पॉपकॉर्न का सहारा लिया जा सकता है, जो स्वाद से लेकर सेहत का ख्याल रखेगा।
पॉपकॉर्न स्नैक के लिए बेहतर विकल्प है, क्योंकि यह चिप्स की तुलना में तला और मसालेदार नहीं होता है। दूसरा, चिप्स को पैकेट के अंदर ताजा बनाए रखने के लिए केमिकल का भी इस्तेमाल किया जाता है, जिसका सेवन सेहत के लिए खतरा है।
वहीं पॉपकॉर्न एक साबुत अनाज है, जिसे बनाने में बहुत कम तेल और मसालों का इस्तेमाल होता है और इसे कम मेहनत में आसानी से घर पर भी बनाया जा सकता है। इसे खाने से भूख भी संतुलित रहती है और ओवरईटिंग की समस्या भी नहीं रहती है।
पॉपकॉर्न में बाकी सभी स्नैक्स की तुलना में अधिक मात्रा में पोषक तत्व मौजूद हैं। इसमें कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, प्रोटीन, फैट, आयरन, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं। सर्दियों में शरीर में वात दोष की वृद्धि होती है। पॉपकॉर्न रुक्ष तासीर की वजह से शरीर में वात की वृद्धि को संतुलित रखता है और इस खाने से कैलोरी भी नहीं बढ़ती है।
कुल मिलाकर पॉपकॉर्न का सेवन आपके वजन को भी नियंत्रित रखने में भी मदद करता है।
तली-भुनी और मसालेदार चीजों के सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जो सीधा हृदय और रक्तवाहिनी को प्रभावित करता है, लेकिन पॉपकॉर्न के अंदर कोलेस्ट्रॉल को घटाने के गुण होते हैं। ये रक्त वाहिकाओं पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है। इसके अलावा, अगर सीमित मात्रा में खाया जाए तो पॉपकॉर्न पेट के स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर है, लेकिन अगर गैस बनने या अपच की परेशानी होती है तो इसे खाने से बचें।
अब सवाल है कि पॉपकॉर्न का सेवन कैसे करना लाभकारी होगा। पॉपकॉर्न को हमेशा काला नमक, देसी घी और जीरा पाउडर के साथ मिलाकर बनाना चाहिए। इससे पॉपकॉर्न का स्वाद भी बढ़ जाता है और पेट के लिए भी लाभकारी होता है।
--आईएएनएस
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