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सरदार वल्लभभाई पटेल: पत्नी के निधन का पता चलने के बाद भी करते रहे कोर्ट में बहस, आजीवन नहीं किया दूसरा विवाह

नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। देश के पहले गृह मंत्री और लौह पुरुष के नाम से मशहूर सरकार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाएगी। उन्होंने स्वतंत्र भारत के निर्माण में जो भूमिका निभाई, वह आज देश की नींव है।
 

नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। देश के पहले गृह मंत्री और लौह पुरुष के नाम से मशहूर सरकार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाएगी। उन्होंने स्वतंत्र भारत के निर्माण में जो भूमिका निभाई, वह आज देश की नींव है।

सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में एक किसान परिवार के घर हुआ था। झवेरभाई और लाडबा के घर जन्मा बच्चा देश का पहला उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री बना। वल्लभभाई ने अपनी शुरुआती पढ़ाई करमसद के एक स्थानीय स्कूल से की थी। वर्ष 1897 में उन्होंने नडियाद हाई स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।

परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। इस वजह से उन्होंने विश्वविद्यालय में महंगी पढ़ाई करने के बजाय ‘डिस्ट्रिक्ट प्लीडर’ की परीक्षा पास की थी, जिसके बाद उन्हें वकालत करने का अधिकार मिल गया था। अपने बड़े भाई विट्ठलभाई पटेल की मदद करने और अपना करियर आगे बढ़ाने के लिए अगस्त 1910 में वे इंग्लैंड गए।

उन्होंने लंदन के मिडिल टेंपल इन में दाखिला लिया। वहां उन्होंने 36 महीने का कोर्स सिर्फ 30 महीने में पूरा किया और प्रथम श्रेणी में परीक्षा पास की थी। वल्लभभाई पटेल वर्ष 1913 में भारत लौटे और अहमदाबाद में वकालत करने लगे।

वर्ष 1893 में वल्लभभाई पटेल का विवाह झवेरबा पटेल से हुआ था। उनकी दो संतानें एक बेटा और एक बेटी थीं। बेटी मणिबेन पटेल का जन्म 1904 में हुआ था और बेटे दह्याभाई पटेल का जन्म 1905 में हुआ था। वर्ष 1909 में सरदार वल्लभभाई पटेल की पत्नी झवेरबा का कैंसर की वजह से निधन हो गया था।

पत्नी के निधन से जुड़ा एक किस्सा पटेल के व्यक्तित्व की एक झलक देता है। वर्ष 1909 में झवेरबा पटेल को बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ समय उनका अस्पताल में ही इलाज चला। लेकिन एक दिन ऑपरेशन के दौरान उनका निधन हो गया था।

जिस वक्त पत्नी का निधन हुआ, उस वक्त वल्लभभाई कुछ अदालती कार्यवाही में व्यस्त थे। वे कोर्ट में बहस कर रहे थे, तभी एक शख्स आया और उन्हें चिट थमा दी। उस चिट में उनकी पत्नी की मौत की खबर थी। चिट पढ़ने के बाद उन्होंने उसे जेब में रख लिया और बहस करते रहे। जब वे केस जीत गए, तो अदालत की कार्यवाही खत्म हुई। तब उन्होंने सभी को पत्नी के निधन की जानकारी दी। वहां मौजूद सभी लोग चौंक गए थे। वल्लभभाई ने आजीवन दूसरा विवाह नहीं किया था।

--आईएएनएस

एसडी/एएस