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सपा में अपराधियों को संरक्षण, अखिलेश यादव प्रदेश में बनाना चाहते हैं दंगे का माहौल: ओम प्रकाश राजभर

लखनऊ, 14 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि सपा सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी, जबकि वर्तमान में प्रदेश की जनता सुरक्षित और संतुष्ट है।
 

लखनऊ, 14 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि सपा सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी, जबकि वर्तमान में प्रदेश की जनता सुरक्षित और संतुष्ट है।

आईएएनएस से बातचीत में राजभर ने दावा किया कि उनके बलिया दौरे के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर हंगामा किया और कुछ अपराधी सपा का झंडा लेकर घूम रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को समझना चाहिए कि प्रदेश में कानून का राज है और किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए राजभर ने कहा कि वह प्रदेश में दंगे का माहौल बनाना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि सपा सरकार के कार्यकाल में दंगे और कर्फ्यू की घटनाएं हुई थीं, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

राजभर ने यह भी दावा किया कि वर्तमान में प्रदेश का मुस्लिम समुदाय शांति के साथ रह रहा है, अपनी आजीविका कमा रहा है और सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा है। उनके अनुसार, विपक्ष इसी बात से असहज है।

ज्ञानवापी मामले में सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता पहल का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान पहले बातचीत के जरिए निकालने का प्रयास होना चाहिए। यदि आपसी संवाद से समाधान नहीं निकलता है, तो न्यायालय का निर्णय अंतिम विकल्प होता है।

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सपा शासनकाल का उल्लेख करते हुए राजभर ने आरोप लगाया कि उस समय एक गिरोह चलती गाड़ियों पर अंडे फेंककर उन्हें रुकवाता था और बाद में लूटपाट करता था। उन्होंने बदायूं और बुलंदशहर की घटनाओं का हवाला देते हुए दावा किया कि उस दौरान महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराध हुए और कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक थी।

'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए राजभर ने इसे विकास के लिए आवश्यक पहल बताया। उन्होंने कहा कि जब पूरे देश में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का प्रत्येक नागरिक मतदाता है, तो अलग-अलग मतदाता सूचियों के बजाय एक समान व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए।

मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) को लेकर विपक्ष की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि चुनाव आयोग का उद्देश्य मृत मतदाताओं के नाम हटाना, पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ना और यह सुनिश्चित करना है कि किसी व्यक्ति का नाम केवल एक ही स्थान पर दर्ज हो।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस इस प्रक्रिया का विरोध इसलिए कर रही हैं क्योंकि उनके अनुसार पहले उन्हें कथित अनियमितताओं से राजनीतिक लाभ मिलता था।

--आईएएनएस

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