संसद से सड़क तक गूंजा छात्र आंदोलन, विपक्ष ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था पर मांगा जवाब
नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। राजधानी दिल्ली में छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शन और परीक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ते राजनीतिक विवाद के बीच विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने संसद से लेकर सड़क तक छात्रों के समर्थन में आवाज उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और सरकार पर छात्रों के आंदोलन को बलपूर्वक दबाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "पार्टी ने संसद में एक बार फिर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी नीट पेपर लीक मामला सामने आने के बाद कई महीने पहले यह मांग की थी। देश के युवा लगातार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था में लगातार सामने आ रही खामियों के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है। संसद में इस विषय पर विस्तृत चर्चा कर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस सुधार किए जाएं।"
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने छात्र संगठन सीजेपी के विरोध प्रदर्शन पर सरकार के रुख की आलोचना की। उन्होंने कहा, "सरकार यह नहीं कह सकती कि प्रदर्शन बिना किसी कारण किया जा रहा था। प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, वाटर कैनन का इस्तेमाल हुआ, कई छात्रों को हिरासत में लिया गया और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई। छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाया जा रहा है।"
कांग्रेस सांसद प्रशांत यादवराव पडोले ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "केंद्र सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय केवल अपनी सत्ता बचाने में लगी है। देश में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे में छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने की आवश्यकता है।"
वहीं, कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कहा, "सरकार को छात्रों के आंदोलन को दबाने के बजाय उनके साथ संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करना चाहिए था। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है और छात्रों की बात सुनना सरकार की जिम्मेदारी है।"
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डीपीसीसी) के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने जंतर-मंतर प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा, "सरकार लगातार इस मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। संसद की कार्यवाही बार-बार स्थगित हो रही है, जबकि पूरा विपक्ष परीक्षा प्रणाली और छात्रों के मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है। जब छात्र पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं तो सरकार इस विषय पर चर्चा से क्यों बच रही है।"
सपा की सांसद इकरा हसन ने आरोप लगाया, "देशभर से आए छात्र केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के उद्देश्य से दिल्ली पहुंचे थे, लेकिन उनके साथ पुलिस का व्यवहार अनुचित रहा। छात्रों ने किसी प्रकार की हिंसा नहीं की थी, फिर भी उनके साथ कठोर कार्रवाई की गई, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।"
आम आदमी पार्टी के नेता जरनैल सिंह ने भी केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा, "सरकार जिस तरीके से छात्र आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है, वह लंबे समय तक सफल नहीं होगी। पुलिस छात्रों पर लाठियां बरसा रही है और उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।"
--आईएएनएस
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