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संकट के इस दौर में भारत समाधान का हिस्सा बन रहा है : मुख्तार अब्बास नकवी

नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष से उत्पन्न वैश्विक संकट पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि इस वक्त वैश्विक संकट है। इस दौर में भारत जिस समझदारी, संवेदनशीलता, समन्वय और संवाद के साथ समाधान का हिस्सा बन रहा है, यह काफी महत्वपूर्ण है। इस संकट में लोगों को कम से कम समस्या हो या बिल्कुल समस्या न हो, इसके लिए सरकार मजबूती के साथ काम कर रही है।
 
संकट के इस दौर में भारत समाधान का हिस्सा बन रहा है : मुख्तार अब्बास नकवी

नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष से उत्पन्न वैश्विक संकट पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि इस वक्त वैश्विक संकट है। इस दौर में भारत जिस समझदारी, संवेदनशीलता, समन्वय और संवाद के साथ समाधान का हिस्सा बन रहा है, यह काफी महत्वपूर्ण है। इस संकट में लोगों को कम से कम समस्या हो या बिल्कुल समस्या न हो, इसके लिए सरकार मजबूती के साथ काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि सियासी व्यवधान का किस्सा किसी को गढ़ने की जरूरत नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान को लेकर कहा कि आटे की कंगाली में पाकिस्तान आतंकवाद का मवाली बना हुआ है। अभी हाल ही में पाकिस्तान की धुनाई हुई है, धुलाई हुई है और पिटाई हुई है। पाकिस्तान चारों खाने चित हुआ है। पाकिस्तान का अभी जख्म ताजा है। ऐसे में पाकिस्तान की स्थिति क्या है?

उन्होंने कहा कि आतंकवाद जिस देश की संपदा बन गई हो, आतंकवादी जिसकी राष्ट्रीय संपत्ति बने हों, ऐसे में पाकिस्तान के हुक्मरानों को अच्छी तरह से समझना चाहिए कि अभी जो उनको सबक मिला है, इसके बाद भी और धुनाई चाहते हैं तो उनको ऊपरवाला ही बचाए।

बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर ओवैसी पर निशाना साधते हुए मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि इनका रिश्ता हुमायूं और बाबर के साथ ही होगा। उन्होंने कहा कि यह एक कम्युनल और एक क्रिमिनल की जोड़ी है। इस चुनाव में कम्युनल और क्रिमिनल की जोड़ी चारों खाने चित होगी। ये उनको भी मालूम है। चुनाव में इस तरह की कम्युनल-क्रिमिनल चकल्लस होती रहती है।

पीएम मोदी के सबसे लंबे समय तक सरकार के प्रमुख बनने के रिकॉर्ड पर उन्होंने कहा कि जो तूफानों में बढ़ते जा रहे हैं, वही दुनिया बदलते जा रहे हैं। पीएम मोदी के सुशासन का समावेशी सफर है, वो कोई सामान्य परिस्थितियों में नहीं है। चाहे भुज का भूकंप रहा हो, चाहे कोरोना कहर रहा हो, चाहे आतंकी आफत रही हो और चाहे युद्ध की विभीषिका रही हो। इन तमाम संकटों से बचाते हुए और देश की धमक को धारदार करते हुए आगे बढ़े हैं।

--आईएएनएस

एसडी/एबीएम