संजय उपाध्याय ने भोजशाला पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले का किया स्वागत, कहा- हिंदुओं की आस्था का केंद्र
मुंबई, 22 मई (आईएएनएस)। बीजेपी नेता संजय उपाध्याय ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के भोजशाला को लेकर दिए गए फैसले का स्वागत किया और इसे हिंदुओं की आस्था और ऐतिहासिक सच्चाई की जीत बताया। उन्होंने कहा कि भोजशाला केवल एक इमारत नहीं, बल्कि मां सरस्वती की उपासना का प्राचीन केंद्र रही है। यहां कभी देशभर के विद्वान अध्ययन और शिक्षण कार्य किया करते थे और भारतीय संस्कृति, सभ्यता और ज्ञान परंपरा से जुड़ी गतिविधियां होती थीं।
संजय उपाध्याय ने कहा कि समय के साथ इस स्थल को विवादित बनाने की कोशिश की गई और वहां कब्जा करने के प्रयास भी हुए। लेकिन पुरातत्व विभाग द्वारा पेश किए गए सबूतों से यह स्पष्ट हुआ कि भोजशाला हिंदुओं की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी हुई जगह है। उन्होंने कहा कि यह मां सरस्वती का मंदिर और एक तरह का प्राचीन विश्वविद्यालय रहा है।
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को भोजशाला में जिस तरह शाम की भव्य आरती हुई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, उससे लोगों की आस्था साफ दिखाई देती है। उनका कहना है कि आने वाले समय में वहां हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना नियमित रूप से होगी और मां सरस्वती की आराधना पहले की तरह जारी रहेगी।
संजय उपाध्याय ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश लगातार आगे बढ़ रहा है, जबकि दुनिया कई तरह के संकटों का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि कभी कोविड जैसी महामारी आई, तो कभी रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका-ईरान तनाव और मध्य पूर्व की परिस्थितियों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया। इसके बावजूद भारत ने मजबूती के साथ इन चुनौतियों का सामना किया है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई केंद्रीय कैबिनेट की लंबी बैठक भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने कोविड काल में भी आर्थिक मजबूती दिखाई और आज दुनिया के कई देश भारत में निवेश करने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य 2047 से पहले भी हासिल किया जा सकता है।
इसके अलावा, संजय उपाध्याय ने बकरीद के दौरान जानवरों की कुर्बानी और अवैध पशु कटान के मुद्दे पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला सरहानीय है। अदालत ने साफ किया है कि बकरीद पर बकरी की कुर्बानी का धर्म से कोई सीधा संबंध नहीं है।
साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने भी बकरीद के दौरान अवैध पशु कटान और गौवंश की तस्करी को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले उन्होंने विधान भवन में इस मुद्दे को उठाया था, जिसके बाद कुछ मामलों में कड़ी कार्रवाई भी हुई थी। उनका कहना है कि पुलिस प्रशासन और महानगर पालिका को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कहीं भी खुले में या अवैध तरीके से पशु कटान न हो।
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