संजय सरावगी, श्रवण कुमार और रजीव रंजन ने विपक्ष को घेरा,कहा-व्यवहार संसदीय मर्यादा के खिलाफ
पटना, 29 जुलाई (आईएएनएएस)। संसद में पेपर लीक विरोधी बिल पर चर्चा और प्रह्लाद जोशी पर राहुल और प्रियंका गांधी गांधी की टिप्पणी को लेकर हुए हंगामे पर बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार और जेडीयू प्रवक्ता रजीव रंजन ने विपक्ष को घेरा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "यह चरित्र हनन की कोशिश है। सदन में एक महत्वपूर्ण बिल पेश किया गया है। कांग्रेस नेताओं को ऐसे बयानों से बचना चाहिए। वे संसदीय परंपराओं और मूल्यों का उल्लंघन कर रहे हैं। यह व्यवहार संसदीय मर्यादा के खिलाफ है। असल में, प्रियंका गांधी ने यह बयान दिया और राहुल गांधी ने इसका समर्थन किया।"
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, "क्या कोई राहुल गांधी को गंभीरता से लेता है? कोई भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेता। कोई नहीं जानता कि वे कब विदेश चले जाएंगे या कब गायब हो जाएंगे। देश की जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती। वे लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं और अगर उनके पास कोई काम का सुझाव है, तो उन्हें उसे सदन में रखना चाहिए। लेकिन कोई भी उन्हें गंभीर नहीं मानता। एक दिन वे गायब हो जाते हैं, और फिर बिना किसी को पता चले एक महीने बाद लौट आते हैं।"
संसद में पेपर लीक पर हुई चर्चा को लेकर संजय सरावगी ने कहा, "प्रधानमंत्री इस मुद्दे को लेकर व्यक्तिगत रूप से गंभीर हैं। कैबिनेट ने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द सजा दिलाने के लिए एक कानून बनाया है और प्रधानमंत्री लगातार इस मामले पर नजर रखे हुए हैं। 2024 से पहले, पेपर लीक के खिलाफ कोई खास कानून नहीं था। कांग्रेस ने दशकों तक देश पर शासन किया और उनके कार्यकाल में कई बार पेपर लीक हुए, फिर भी उन्होंने इस मुद्दे पर कभी कोई खास कानून नहीं बनाया। प्रधानमंत्री ने छात्रों और युवाओं को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा है और केंद्र सरकार इस समस्या को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है।"
प्रह्लाद जोशी पर प्रियंका गांधी और राहुल गांधी की टिप्पणी पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, "विपक्ष अलग-अलग मुद्दे उठाता रहता है, लेकिन सरकार अपनी नीतियों और प्राथमिकताओं के हिसाब से काम करती है। एक बात तो पक्की है, अगर कांग्रेस पार्टी के लोग चीजों को ठीक से चलाने में काबिल होते, तो आज भी देश में कांग्रेस की ही सरकार होती। कांग्रेस ने लंबे समय तक देश पर शासन किया है और देश को जिस हालत में छोड़ा गया, उसके लिए पूरी तरह से वे ही जिम्मेदार हैं। वे देश को गिरावट की ओर ले गए और अब हम उसे उस स्थिति से बाहर निकालने के लिए काम कर रहे हैं।"
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार को बयान देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, "मैं भी कल नीतीश कुमार से मिलने गया था। वह भी जानना चाहते थे कि चुनावों में क्या हो रहा है। आपने देखा होगा कि आज कई अखबारों में मुख्यमंत्री के साथ मेरी तस्वीर भी छपी है। नीतीश कुमार को कोई कुछ करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। उन्होंने खुद इन चुनावों से जुड़ी स्थिति की समीक्षा की है, उन्हें चुनावों की चिंता है और उन्होंने इसे लेकर एक वीडियो संदेश भी जारी किया है।"
--आईएएनएस
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