संजय राउत फुल टाइम 'साजिश कर्ता' और पार्ट टाइम सांसद : शायना एनसी
मुंबई, 23 सितंबर (आईएएनएस)। शिवसेना की प्रवक्ता शायना एनसी ने शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत पर निशाना साधते हुए कहा कि संजय राउत हर सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं और वह 'फुल टाइम कॉन्सपिरेसी थ्योरिस्ट और पार्ट टाइम सांसद' बन गए हैं।
शिवसेना की प्रवक्ता शायना एनसी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए आरोप लगाया कि राउत को चुनाव आयोग, ईवीएम और चुनावी प्रक्रिया से लगातार आपत्ति रहती है। उन्होंने कहा कि जब जनता ईवीएम पर वोट देती है तो ईवीएम पर सवाल उठाए जाते हैं और जब जनता किसी नेता को चुनती है तो उस जनादेश पर भी सवाल खड़े किए जाते हैं।
बिहार के जमुई में नाबालिग से जुड़ी घटना को शायना एनसी ने दुखद और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान मदद करने के बजाय कुछ लोग वीडियो बना रहे थे। उनके मुताबिक, ऐसे मामलों में मौजूद लोगों की भी नैतिक जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति पुरुष प्रधान मानसिकता को स्वीकार नहीं किया जा सकता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर प्रक्रिया पर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर शायना ने कहा कि विपक्ष का काम केवल निशाना साधना नहीं होना चाहिए। उन्होंने एसआईआर को मतदाता सूची की सफाई की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि मृत लोगों, दूसरे स्थानों पर जा चुके मतदाताओं और कथित फर्जी मतदाताओं के नामों की जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी को आपत्ति है तो निर्धारित अवधि में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
सोनिया गांधी और राहुल गांधी द्वारा ईडी की कार्रवाई पर आपत्ति जताए जाने के सवाल पर शायना ने कहा कि जांच एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई गलत काम नहीं हुआ है तो संबंधित पक्ष को जांच प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए और साक्ष्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े उत्तराधिकार के मुद्दे पर शायना ने बेटे और बेटी को समान अधिकार दिए जाने की बात कही। उन्होंने समानता के आधार पर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की आवश्यकता पर जोर दिया।
महाराष्ट्र में सूखे जैसी स्थिति पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे विभिन्न जिलों का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। उनके अनुसार, जमीनी स्थिति की समीक्षा के बाद सरकार किसानों के हित में उचित निर्णय लेगी।
दिल्ली में अवैध निर्माण पर कार्रवाई के सवाल पर शायना ने कहा कि अवैध निर्माण चाहे मंदिर हो या मस्जिद, प्रशासन को कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, प्रधानमंत्री की मिमिक्री से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि हास्य की अपनी जगह है, लेकिन प्रधानमंत्री पद की संवैधानिक गरिमा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
--आईएएनएस
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