सड़क पर ड्रामा छोड़ संसद में चर्चा करे विपक्ष, लोकतंत्र कानून के आधार पर चलता है : संजय निषाद
लखनऊ, 25 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने केंद्रीय कैबिनेट द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र कानूनों के आधार पर चलता है और यह सख्त कानून प्रतिभाशाली छात्रों के साथ होने वाले अन्याय को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने आईएएनएस से बात करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद में इस मुद्दे पर चर्चा से बच रहा है, क्योंकि चर्चा होने पर पेपर लीक, शिक्षा माफिया, परीक्षा केंद्र माफिया और भू-माफिया से जुड़े लोगों की भूमिका उजागर हो जाएगी। विपक्ष संसद के भीतर बहस करने के बजाय बाहर विरोध-प्रदर्शन कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।
राष्ट्रवाद के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि देश को अवसरवादियों की नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी सोच रखने वाले लोगों की जरूरत है। जिन लोगों और समुदायों ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया और बलिदान दिया, उन्हें उचित सम्मान और पहचान मिलनी चाहिए। राष्ट्रवाद से जुड़े प्रतीकों और गीतों का सम्मान होना चाहिए और इसके लिए कानून का पालन भी आवश्यक है।
पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए संजय निषाद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के शासनकाल में परीक्षा व्यवस्था में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं होती थीं। उस समय नकल और परीक्षा केंद्रों के आवंटन में भ्रष्टाचार आम बात थी। कुछ शिक्षा माफियाओं के नियंत्रण में बड़ी संख्या में स्कूल थे और पैसे लेकर परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों को बाद में मंत्री और विधायक तक बनाया गया।
मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी देशवासियों के अभिभावक की तरह काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के कल्याण के साथ-साथ राष्ट्र की सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें लोगों, विशेषकर छात्रों को गुमराह कर अपने राजनीतिक हित साधने का प्रयास कर रही हैं। किसी भी मुद्दे पर चर्चा का उचित मंच संसद है।
मंत्री ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में हर समस्या का समाधान संवाद और चर्चा से ही संभव है। उन्होंने विपक्षी नेताओं से गांवों और युवाओं के बीच जाकर उनकी समस्याएं समझने और उनके समाधान के लिए काम करने की अपील की। सोनम वांगचुक के आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय निषाद ने उन्हें एक बुद्धिजीवी व्यक्ति बताया और कहा कि बुद्धिजीवी समाज के मुद्दों के लिए संघर्ष करते हैं। यदि सरकार ने उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया है, तो विवाद समाप्त माना जाना चाहिए।
--आईएएनएस
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