सांगली: नाबालिग से छेड़छाड़ मामले में कोर्ट का फैसला, युवक को चार साल की सजा और 50 हजार जुर्माना
मुंबई, 30 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के जत पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने एक नाबालिग के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में एक युवक को चार वर्ष की जेल और 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया है।
जत थाने में दर्ज केस के अनुसार, डफलापुर निवासी जगदीश चव्हाण (25 वर्षीय) पीड़िता के घर के पास ही रहता था। उसने पहले बच्ची से दोस्ती कर विश्वास जीता और फिर खेलते समय 'बाजू वाला घर दिखाता हूं' कहकर अपने घर ले जाकर छेड़छाड़ की, जिससे बाद में बच्ची किसी तरह चिल्लाते हुए उसके घर से भागी और परिजनों को बताया।
पीड़िता ने पूरी घटना अपने माता-पिता को बताई और आरोपी को दिखाया। इसके बाद पीड़िता के माता-पिता ने जत पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उक्त शिकायत के अनुसार, जांच अधिकारी पुलिस उप निरीक्षक महेश गायकवाड ने मामले की गहन जांच की और अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
आरोप पत्र की सुनवाई के दौरान पीड़िता ने कोर्ट में पूरी घटना बताई। उसकी गवाही पूरी तरह से जांच में महत्वपूर्ण रही। हालांकि, मामले के अन्य गवाहों ने दबाव में आकर घटना से मुकर गए, लेकिन अकेले पीड़िता ने बेहद विश्वसनीय सबूत अदालत में पेश किए, जिसके कारण कोर्ट ने आरोपी को उपरोक्त कड़ी सजा सुनाई।
मामले को साबित करने के लिए सरकार की ओर से अतिरिक्त सरकारी अभियोक्ता व्ही. के. मुरचिटे, ए. एम. साटविलकर व एस. आर. हिंगमिरे ने काम देखा। उनकी दलील को मान्य करते हुए आरोपी को सजा सुनाई गई।
इस मामले में जत पुलिस ने पॉक्सो और बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 354 के तहत केस दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की थी। वहीं, जिला व सत्र न्यायाधीश जे. ए. मोहिते ने आरोपी को बीएनएस 354 में 4 वर्ष, पॉक्सो धारा 8 में 4 वर्ष और धारा 12 में 3 वर्ष की सजा और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
--आईएएनएस
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