संघ का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं, रेवंत रेड्डी शाखा में जाकर देखें: अजीत गोपचडे
नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाए जाने संबंधी बयान पर भाजपा सांसद अजीत गोपचडे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने रेवंत रेड्डी की बात को लेकर कहा कि यह 'शेखचिल्ली की कहानी' और 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने' जैसी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की बात करने से पहले यह देखना चाहिए कि उनके पास कितने राज्य और कितने सांसद हैं। गोपचडे ने राहुल गांधी और उनके समर्थकों पर 'फेक नैरेटिव' फैलाने और देश में भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया। जनता ऐसे नेताओं को स्वीकार नहीं करेगी। देश को परिपक्व नेतृत्व, अच्छा श्रोता और चिंतनशील व्यक्तित्व चाहिए।
रेवंत रेड्डी के राहुल गांधी और संघ परिवार के बीच राजनीतिक मुकाबले वाले बयान पर गोपचडे ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का राजनीति से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने संघ को देशभक्ति और सेवा से जुड़ा संगठन बताते हुए कहा कि संघ प्राकृतिक आपदाओं के समय सेवा कार्य करता है और व्यक्ति निर्माण पर काम करता है। संघ को समझने के लिए रेवंत रेड्डी को उसकी शाखा में जाना चाहिए, वहां की गतिविधियों को देखना और संघ के बारे में अध्ययन करना चाहिए। संघ को राजनीति से जोड़ना उचित नहीं है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दे पर टीएमसी और सीपीएम के साथ आने को लेकर भी गोपचडे ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों दलों के बीच राजनीतिक मतभेद रहे हैं, लेकिन अब एक मुद्दे पर साथ आ रहे हैं। इसका कारण सत्ता हासिल करने की इच्छा है। भाजपा के लिए 'देश प्रथम' है, जबकि विपक्षी दलों पर उन्होंने सत्ता और कुर्सी को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। गोपचडे ने ज्ञानेश कुमार की भूमिका का बचाव करते हुए एसआईआर को देश में मतदाता सूची की सफाई से जुड़ा अभियान बताया और कहा कि इस प्रक्रिया से कथित फर्जी नामों और गलत तरीके से दर्ज मतदाताओं को हटाने का काम हुआ है।
उन्होंने ज्ञानेश कुमार के काम की प्रशंसा करते हुए यहां तक कहा कि ऐसे काम के लिए उन्हें पद्म पुरस्कार दिया जाना चाहिए। गोपचडे ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कितने भी दल एकजुट हो जाएं, जनता सत्य के साथ रहती है।
30 सितंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक को लेकर गोपचडे ने कहा कि कई दल एक साथ आ रहे हैं, लेकिन उनके मुद्दे में दम नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब लोकसभा में भाजपा की सीटें कम आई थीं, तब चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार की प्रशंसा की जा रही थी, लेकिन चुनावी हार के बाद वही लोग उन पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की स्वायत्तता और गरिमा बनाए रखने की बात कही। गोपचडे ने कहा कि अगर विपक्ष ज्ञानेश कुमार के मुद्दे को लेकर कोई बात संसद में उठाता है तो भाजपा उसका संसद में जवाब देगी। उन्होंने विपक्ष से संसद में चर्चा का सामना करने की अपील करते हुए कहा कि भाजपा मुकाबले से पीछे हटने वाली पार्टी नहीं है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच चल रही बातचीत को लेकर गोपचडे ने कहा कि दोनों दलों के बीच यह सब पहले से चलता आया है। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियां अपने राजनीतिक स्वार्थ के आधार पर साथ आती हैं और उनके बीच आपसी आस्था या आत्मीयता नहीं है। सपा-कांग्रेस की राजनीति को 'नौटंकी' करार देते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आने पर ये दल एक-दूसरे के साथ आते हैं। गोपचडे ने दावा किया कि इन दलों का जनता और देश के मुद्दों से ज्यादा ध्यान चुनावी राजनीति पर रहता है।
भाजपा सांसद ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास की यात्रा आगे बढ़ रही है और उनके मुताबिक राज्य की जनता फिर से योगी को अपना समर्थन देगी।
--आईएएनएस
पीएसके
