Aapka Rajasthan

संदीप पाटिल: स्टाइलिश क्रिकेटर, जिन्होंने एक्टिंग करियर के बाद बतौर कोच भी शोहरत हासिल की

नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। संदीप पाटिल का नाम भारतीय क्रिकेट के आक्रामक और प्रतिभाशाली बल्लेबाजों में शुमार है, जिन्होंने अपनी आकर्षक बल्लेबाजी और निडर अंदाज से फैंस के दिलों में खास जगह बनाई। वर्ल्ड कप 1983 विजेता टीम का हिस्सा रहे पाटिल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का गौरव बढ़ाते हुए कई यादगार पारियां खेलीं। इस स्टाइलिश क्रिकेटर ने एक्टिंग करियर के अलावा, कोच के तौर पर भी शोहरत हासिल की।
 

नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। संदीप पाटिल का नाम भारतीय क्रिकेट के आक्रामक और प्रतिभाशाली बल्लेबाजों में शुमार है, जिन्होंने अपनी आकर्षक बल्लेबाजी और निडर अंदाज से फैंस के दिलों में खास जगह बनाई। वर्ल्ड कप 1983 विजेता टीम का हिस्सा रहे पाटिल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का गौरव बढ़ाते हुए कई यादगार पारियां खेलीं। इस स्टाइलिश क्रिकेटर ने एक्टिंग करियर के अलावा, कोच के तौर पर भी शोहरत हासिल की।

18 अगस्त 1956 को बॉम्बे में जन्मे संदीप पाटिल अपने पिता मधुसूदन पाटिल के नक्शेकदम पर चलते हुए एक क्रिकेटर बने। पिता मुंबई के लिए 5 फर्स्ट क्लास मैच खेल चुके थे। संदीप पाटिल शानदार बल्लेबाजी से भारत के मिडिल ऑर्डर को मजबूती देते थे। इसके साथ ही उनकी मीडियम पेस गेंदबाजी भी कई मौकों पर टीम के काम आई।

संदीप पाटिल ने 15 जनवरी 1980 को पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट डेब्यू के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया था। इसी साल 6 दिसंबर को उन्होंने वनडे फॉर्मेट में भी पदार्पण कर लिया। यह मैच ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध था।

संदीप पाटिल ने भारत के लिए 29 टेस्ट मुकाबलों में 36.93 की औसत के साथ 1,588 रन बनाए, जिसमें 4 शतक शामिल रहे। वहीं, 45 वनडे मुकाबलों में उन्होंने 24.51 की औसत के साथ 1,005 रन जोड़े, जिसमें 9 अर्धशतक लगाए। फर्स्ट क्लास करियर के 130 मुकाबलों में 8,156 रन और 73 लिस्ट-ए मुकाबलों में उनके नाम 1,741 रन दर्ज हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके नाम 24 विकेट भी हैं।

संदीप पाटिल वर्ल्ड कप 1983 की विजेता टीम का हिस्सा रहे, जिन्होंने सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 32 रन की अहम पारी खेली थी।

पाटिल ने 1982 में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट में 129 रन की नाबाद पारी खेली थी। उन्होंने तेज गेंदबाज बॉब विलिस के एक ही ओवर में 6 चौके (4,4,4,0,4,4,4) जड़े थे। इस ओवर की चौथी गेंद पर कोई रन नहीं बना था, मगर इससे पहले विलिस ने एक 'नो-बॉल' फेंकी, जिस पर पाटिल ने चौका लगाया था।

क्रिकेट से संन्यास के बाद संदीप पाटिल ने एक्टिंग करियर शुरू किया। साल 1985 में उनकी पहली फिल्म 'कभी अजनबी थे' रिलीज हुई, जिसमें उनके साथ पूनम ढिल्लों और देबश्री रॉय को कास्ट किया गया था, लेकिन इसके बाद उन्होंने कोई फिल्म नहीं की।

कुछ साल बाद संदीप पाटिल ने बतौर कोच अपना करियर शुरू किया। नवंबर 1996 में संदीप पाटिल केन्या के कोच बने और टीम का प्रदर्शन निखारा। वनडे वर्ल्ड कप 2003 में इस टीम ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई, जिसमें उसे भारत के विरुद्ध 91 रन से हार का सामना करना पड़ा था। वह ओमान क्रिकेट टीम के भी कोच रहे हैं।

संदीप पाटिल 'भारत-ए' टीम के कोच भी रहे। उन्होंने दिसंबर 2012 से सितंबर 2016 तक बीसीसीआई चयन समिति का अध्यक्ष पद भी संभाला। उनके कार्यकाल में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2013 का खिताब अपने नाम किया था। उनकी उपलब्धियां मेहनत, साहस और निरंतरता की मिसाल हैं।

--आईएएनएस

आरएसजी