सैंड आर्टिस्ट ने नेपाल बाढ़ पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि, डब्ल्यूबीएफ बोला- भारत के साथ रोटी-बेटी का रिश्ता
नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। इंटरनेशनल सैंड आर्टिस्ट मानस कुमार साहू ने सैंड एनिमेशन बनाकर नेपाल बाढ़ पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। वहीं, वर्ल्ड बुद्धिस्ट फेडरेशन (डब्ल्यूबीएफ) ने नेपाल त्रासदी पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारत-नेपाल का रोटी-बेटी का रिश्ता है और इस मुश्किल घड़ी में भारत समेत पूरी दुनिया नेपाल के साथ खड़ी है।
मानस कुमार साहू ने 15 मिनट में एक दिल को छू लेने वाला सैंड एनिमेशन बनाया, जिसमें उन्होंने नेपाल बाढ़ पीड़ितों के साथ एकजुटता दिखाई और दुनिया भर के लोगों से भयानक बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए प्रार्थना, दया और समर्थन में एक साथ आने की अपील की।
वर्ल्ड बुद्धिस्ट फेडरेशन (डब्ल्यूबीएफ) के फाउंडिंग प्रेसिडेंट डॉ. परविंदर सिंह कहते हैं, "हरीश जी (नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के रिश्तेदार), एक भारतीय होने के नाते, बाहर से आए लोगों के साथ मुलाकात कर रहे थे और कह रहे थे कि भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता है, इसलिए इसे बनाए रखना चाहिए और नेपाल में आई बाढ़ से प्रभावित नेपाली लोगों को ज्यादा से ज्यादा मदद दी जानी चाहिए।"
डॉ. परविंदर सिंह ने कहा कि हम जमीनी स्तर पर काम करते हैं। हमारे दो मुख्य मकसद हैं- एक, लोगों को अच्छी शिक्षा दें, और दूसरा, उनका स्वास्थ्य अच्छा रहे। ये उनका अधिकार है, और इसी अधिकार को मानकर भगवान बुद्ध के चरण को स्पर्श करने से जो हमें ज्ञान मिला है, उसी से हम नेपाल के लिए काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज नेपाल में 80 फीसदी घरों में खाना नहीं बना होगा। जो त्रासदी आई है, उससे वो भी दुखी होंगे। जो नेपाल को अपना लेते हैं, तो भगवान बुद्ध खुद अपनाए जाते हैं। भगवान बुद्ध का सिर्फ जन्म नेपाल में हुआ, बाकी का सारा जीवन उन्होंने भारत में बिताया है। इसलिए भारतीयों ने उन्हें ज्यादा अपनाया है। बुद्धिस्ट होने के नाते शांति की बात करें। प्रधानमंत्री मोदी ने बात की, तो पीएम बालेन शाह ने भी पोस्ट करके धन्यवाद किया।
नेपाल त्रासदी पर वर्ल्ड बुद्धिस्ट फेडरेशन इंडिया के अध्यक्ष अमर नाथ ने कहा, "वर्ल्ड बुद्धिस्ट फेडरेशन इंडिया नेपाल में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता है। इस मुश्किल समय में, न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया उनके साथ खड़ी है। हम हर संभव तरीके से उनके साथ खड़े हैं। नेपाल और भारत की साझी विरासत है। हमारी संस्कृति भी जुड़ी है। फिर चाहे मां सीता का जन्म हो या फिर भगवान बुद्ध की जन्मस्थली नेपाल रही है, उसके बाद उनकी सारी प्रज्ञा भारत में रही।"
--आईएएनएस
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