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सनातन के खिलाफ उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी पर भाजपा का तीखा हमला, कहा- 'देश देख रहा है डीएमके का रवैया'

नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। सनातन धर्म के खिलाफ तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी पर भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बावजूद डीएमके ने कोई सबक नहीं सीखा है। वे अभी भी हिंदू-विरोधी और सनातन-विरोधी रवैया अपनाए हुए हैं और इसके जरिए वे भारत-विरोधी प्रवृत्तियां भी दिखा रहे हैं।
 
सनातन के खिलाफ उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी पर भाजपा का तीखा हमला, कहा- 'देश देख रहा है डीएमके का रवैया'

नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। सनातन धर्म के खिलाफ तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी पर भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बावजूद डीएमके ने कोई सबक नहीं सीखा है। वे अभी भी हिंदू-विरोधी और सनातन-विरोधी रवैया अपनाए हुए हैं और इसके जरिए वे भारत-विरोधी प्रवृत्तियां भी दिखा रहे हैं।

भाजपा की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "उदयनिधि ने एक बयान दिया है कि 'सनातन धर्म को खत्म कर देना चाहिए'। चुनाव हारने के बावजूद डीएमके ने कोई सबक नहीं सीखा है। वे अभी भी हिंदू-विरोधी व सनातन-विरोधी रवैया अपनाए हुए हैं और इसके जरिए वे भारत-विरोधी प्रवृत्तियां भी दिखा रहे हैं। इस तरह का रवैया तब ठीक नहीं है, जब पूरा देश हमारे हिंदुत्व और सनातन धर्म का सम्मान करता है। यहां तक कि तमिलनाडु के लोग भी सनातन धर्म का सम्मान करते हैं। असल में, तमिलनाडु एक ऐसी जगह है जहां सबसे ज्यादा मंदिर हैं और वे बहुत अच्छी तरह से देख-रेख किए हुए हैं।"

एन. रामचंद्र राव ने आगे कहा, "उदयनिधि का बयान पूरे हिंदू समुदाय का अपमान है, चाहे वे तमिलनाडु के हों, तेलंगाना के हों, दिल्ली के हों या कश्मीर के। इसलिए उन्हें या तो माफी मांगनी चाहिए, वरना कल उन्हें निश्चित रूप से जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा और उन्हें इसके नतीजे भुगतने होंगे। चुनावों में वे पहले ही इसके नतीजे भुगत चुके हैं। तमिलनाडु में उनका पूरी तरह से सफाया हो चुका है। इसलिए अब पूरा देश उन्हें देख रहा है कि वे कैसा बर्ताव कर रहे हैं।"

वहीं, तेलंगाना के मेडक से भाजपा सांसद रघुनंदन राव माधवनेनी ने कहा, "उदयनिधि स्टालिन ने विपक्ष के नेता बनने के बाद भी सनातन धर्म के बारे में अपनी सोच नहीं बदली है। स्टालिन, आप सनातन धर्म के बारे में क्या जानते हैं? आपने सनातन धर्म के खिलाफ कुछ विवादित बयान दिए, फिर भी तमिलनाडु की जनता ने आपको विपक्ष के नेता की कुर्सी सौंपी। इसके बाद भी आप नहीं बदले। विपक्ष के नेता बनने के बाद भी आपने फिर से सनातन धर्म के खिलाफ कुछ बोलने की कोशिश की।"

उन्होंने कहा, "मुगल, बाबर से लेकर दक्षिण तक, पिछले हजारों सालों में बहुत से लोगों ने सनातन धर्म को नष्ट करने की कोशिश की। लेकिन मेरा सनातन धर्म एक ऐसा धर्म है जो मानता है कि हर किसी की स्थिति अच्छी होनी चाहिए। 'सर्वे जना सुखिनो भवन्तु' और 'वसुधैव कुटुंबकम्', ये वे शब्द हैं जो मेरे धर्म और सनातन धर्म ने दिए हैं। जबकि, आप जिस भी धर्म का पालन करते हैं, वह कहता है कि 'मेरा ईश्वर महान है, मेरा ईश्वर महान है।' हम ऐसा नहीं कहते। हम कहते हैं कि इस धरती पर हर किसी को खुश रहना चाहिए। यही कारण है कि हम 'वसुधैव कुटुंबकम्' की बात करते हैं।"

सांसद माधवनेनी ने कहा, "यदि आप अपने शब्दों, अपनी शब्दावली और अपनी भाषा में बदलाव नहीं लाते हैं, तो अगले चुनावों में जनता आपको विपक्ष के नेता का दर्जा भी नहीं देगी। आप दहाई के अंक तक भी नहीं पहुंच पाएंगे। इसलिए, सनातन धर्म के बारे में बोलने से पहले कृपया अपनी जुबान पर काबू रखें और अपनी भाषा का ध्यान रखें। भगवान वेंकटेश्वर आपको सनातन धर्म के बारे में सही ज्ञान दें और वे आपकी सोच और मानसिकता को बदल दें।"

--आईएएनएस

डीसीएच/