सना मलिक को 'पाकिस्तान प्रेम' है तो उनको वहां चले जाना चाहिए : प्रतुल शाहदेव
रांची, 26 जून (आईएएनएस)। सना मलिक के 'पाकिस्तान प्रेम', विपक्षी खेमे के संपर्क में होने की अटकलों के बीच शरद पवार के बयान और बंगाल में यूसीसी को लेकर भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव की प्रतिक्रिया सामने आई है।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए प्रतुल शाहदेव ने कहा कि अगर उनको इतना ही पाकिस्तान से प्रेम है, तो देश छोड़कर उनको पाकिस्तान चले जाना चाहिए। वहां जाकर उनको चार शादियां या किसी दूल्हे की चौथी बीवी बन जाना चाहिए। इससे किसी को आपत्ति नहीं होगी। देश में कई राज्यों ने यूसीसी को लागू किया है। उन्होंने कहा कि क्या सना मलिक अपनी बेटी की किसी ऐसे व्यक्ति से शादी कराएंगी जिसकी वो चौथी पत्नी हो।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि मुस्लिम बेटियों को इंसाफ देने के लिए नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार लगातार काम कर रही है। लेकिन कुछ जिहादी मानसिकता वाले लोग और महिलाओं की ओर से भी इस तरह से बहुविवाह को प्रेरित किया जा रहा है, उससे यही लग रहा है कि इनकी ओर से बेशर्मी की हद को पार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस देश में सना मलिक जैसे सोच वाले लोगों के लिए जगह नहीं है।
पश्चिम बंगाल में यूसीसी को लेकर उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नारा था कि एक देश में दो कानून, दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे। उन्हीं के सपनों को पूरा करने के लिए कोशिश की जा रही है। जिस तरह से यहां के एक विशेष वर्ग को चार-चार शादियां करने की अनुमति है। इसको कैसे सही बताया जा सकता है? क्या कोई भी पिता चाहेगा कि उसकी बेटी किसी की चौथी पत्नी बने? वह ऐसा बिल्कुल भी नहीं चाहेगा।
उन्होंने कहा कि यूसीसी का सबसे बड़ा उदाहरण गोवा है, जहां बीते 50 वर्षों से लागू है। कभी कोई परेशानी नहीं हुई। मुस्लिम बेटियों के हक में जो भी कदम उठाने होंगे हम उठाएंगे। हमने तीन तलाक रोका है। पश्चिम बंगाल में इसकी बड़ी तैयारी की जा रही है। मुस्लिम घुसपैठिए आ कर बंगाल के स्थानीय मुस्लिम बेटियों से निकाह करके जमीन के मालिक बन जाते हैं और नागरिकता हासिल करने की कोशिश करते हैं। इस पर लगाम लगना चाहिए।
विपक्षी खेमे के संपर्क में होने की अटकलों के बीच शरद पवार की प्रतिक्रिया पर प्रतुल शाहदेव ने कहा कि भाजपा या एनडीए, कोई सहयोगी दल किसी भी दल को तोड़ना नहीं चाहता। बहुमत और बहुत सारे दलों के समर्थन से हमारी अच्छे तरीके से सरकार चल रही है। लेकिन कोई अगर अपनी पार्टी की नीतियों के खिलाफ या प्रधानमंत्री के नेतृत्व से प्रेरित होकर आना चाहते हैं तो हमारा दायित्व नहीं है कि उनको हाथ पकड़कर रोकें।
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई के बयान पर प्रतुल शाहदेव ने कहा कि ये कैसे बेशर्म और अनपढ़ लोग है, जिनको ये भी पता नहीं है कि आपातकाल देश का सबसे काला अध्याय था। इसमें हिंदू-मुसलमान की बात कहां से आ गई। इंदिरा गांधी की ओर से लगाए गए आपातकाल में सारे मौलिक अधिकारों का हनन किया गया था। टॉप नेतृत्व में जेल में डाल दिया गया था। आपातकाल के दौरान आरएसएस को भी बैन कर दिया गया था। विपक्षी दलों के एक लाख से ज्यादा नेताओं को जेल में बंद कर दिया गया था।
--आईएएनएस
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