Aapka Rajasthan

संभावनाओं का साल 2026: अधिकमास ने बदला त्योहारों का कैलेंडर, जानिए कब क्या पड़ेगा?

नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। साल 2026 कई मायनों में खास रहने वाला है। वजह है अधिकमास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इस एक अतिरिक्त महीने के कारण न सिर्फ हिंदू पंचांग में 12 की जगह 13 महीने हो जाएंगे, बल्कि पूरे साल का त्योहारों का कैलेंडर आगे-पीछे हो जाएगा। जो त्योहार हमें किसी तय तारीख के आसपास देखने की आदत है, वे 2026 में थोड़ा जल्दी या काफी देरी से आते नजर आएंगे।
 
संभावनाओं का साल 2026: अधिकमास ने बदला त्योहारों का कैलेंडर, जानिए कब क्या पड़ेगा?

नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। साल 2026 कई मायनों में खास रहने वाला है। वजह है अधिकमास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इस एक अतिरिक्त महीने के कारण न सिर्फ हिंदू पंचांग में 12 की जगह 13 महीने हो जाएंगे, बल्कि पूरे साल का त्योहारों का कैलेंडर आगे-पीछे हो जाएगा। जो त्योहार हमें किसी तय तारीख के आसपास देखने की आदत है, वे 2026 में थोड़ा जल्दी या काफी देरी से आते नजर आएंगे।

असल में हिंदू पंचांग चंद्रमा की चाल पर आधारित होता है। चंद्र वर्ष करीब 354 दिन का होता है, जबकि सौर वर्ष 365 दिन का। इन दोनों में हर साल लगभग 11 दिनों का अंतर बनता है। इसी अंतर को संतुलित करने के लिए हर तीन साल में एक अधिकमास जोड़ा जाता है। साल 2026 में यही संतुलन ज्येष्ठ माह में बनेगा, इसलिए इस साल दो ज्येष्ठ महीने होंगे। ज्योतिषियों के अनुसार अधिकमास 17 मई से 15 जून 2026 के बीच रहेगा।

इस बदलाव का असर साफ दिखाई देगा। साल के शुरुआती छह महीनों में पड़ने वाले ज्यादातर त्योहार 2025 के मुकाबले करीब 10 दिन पहले आ जाएंगे, जबकि साल के आखिरी हिस्से के त्योहार 16 से 19 दिन तक देरी से पड़ेंगे। हालांकि मकर संक्रांति जैसे सौर पर्व पर इसका असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि वह सूर्य की चाल पर आधारित है और आमतौर पर 14 या 15 जनवरी को ही रहती है।

अगर कुछ प्रमुख त्योहारों की बात करें, तो होली, जो 2025 में 14 मार्च को थी, वह 2026 में 3-4 मार्च के आसपास मनाई जाएगी। महाशिवरात्रि फरवरी के मध्य में आएगी, जबकि चैत्र नवरात्रि और रामनवमी मार्च में ही निपट जाएंगी। अक्षय तृतीया और बुद्ध पूर्णिमा भी अप्रैल-मई में पहले पड़ेंगी।

दूसरी ओर, साल के दूसरे हिस्से में तस्वीर उलटी होगी। रक्षाबंधन अगस्त के आखिर में, जन्माष्टमी सितंबर की शुरुआत में और गणेश चतुर्थी सितंबर के मध्य में आएगी। वहीं शारदीय नवरात्र, दशहरा और दीपावली तो साफ तौर पर देरी से पड़ेंगी। खास बात यह है कि दीपावली 2026 में 8 नवंबर को होगी, यानी 2025 की तुलना में करीब 18 दिन बाद।

अधिकमास का धार्मिक महत्व भी कम नहीं है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब यह अतिरिक्त महीना बना तो कोई देवता इसका स्वामी नहीं बनना चाहता था। तब भगवान विष्णु ने इसे अपनाया और इसे नाम मिला पुरुषोत्तम मास। इसलिए इस महीने को भक्ति, जप, दान और साधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है।

--आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम