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समस्तीपुर में युवती से बदसलूकी दुर्भाग्यपूर्ण, पीड़िता के साथ खड़े हैं: शांभवी चौधरी

पटना, 24 सितंबर (आईएएनएस)। समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी ने युवती के साथ हुई बदसलूकी की घटना की निंदा की है। उन्होंने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह की घटना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़े रहने की बात कही और समस्तीपुर पुलिस द्वारा वीडियो सामने आने के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों की गिरफ्तारी किए जाने का स्वागत किया।
 

पटना, 24 सितंबर (आईएएनएस)। समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी ने युवती के साथ हुई बदसलूकी की घटना की निंदा की है। उन्होंने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह की घटना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़े रहने की बात कही और समस्तीपुर पुलिस द्वारा वीडियो सामने आने के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों की गिरफ्तारी किए जाने का स्वागत किया।

शांभवी चौधरी ने कहा कि जैसे ही घटना से संबंधित वीडियो सर्कुलेट होना शुरू हुआ, समस्तीपुर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच की जा रही है। महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। आने वाले समय में समस्तीपुर की किसी भी बेटी के साथ ऐसी घटना न हो, इसके लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार में किसी अपराधी को संरक्षण नहीं दिया जाता और अपराध के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि महिला सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। जहां भी अपराध होगा, वहां अपराधियों को पकड़कर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की जिम्मेदारी तय है और इसमें किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

सांसद ने बिहार में युवाओं के बीच एक अलग तरह के अपराध के पैटर्न पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ युवा महिलाओं के साथ छेड़खानी करते हैं, उसका वीडियो बनाते हैं और फिर उसे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्रसारित करते हैं। अलग-अलग जगहों पर इस तरह का पैटर्न देखने को मिल रहा है। यह केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के लोगों को भी सामूहिक जिम्मेदारी लेते हुए इस विषय पर सार्थक चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि युवाओं में इस तरह की सोच क्यों विकसित हो रही है और इसके पीछे की मानसिकता को समझने की जरूरत है।

शांभवी चौधरी ने आगे कहा कि सुशासन का मतलब यह भी है कि सरकार साल-दर-साल अपनी कानून-व्यवस्था की समीक्षा करे। अगर कहीं कोई कमी या त्रुटि सामने आती है तो उसे दूर कर व्यवस्था को बेहतर बनाया जाना चाहिए। महिला सुरक्षा को लेकर सरकार, प्रशासन और समाज सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

--आईएएनएस

पीएसके