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समग्र शिक्षा की पहल: 21 विशेष बच्चों ने एवरेस्ट बेस कैंप अभियान की चुनौती स्वीकारी

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। सरकारी विद्यालयों के 21 विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ने एवरेस्ट बेस कैंप अभियान की चुनौती स्वीकार की है। ये छात्र शिक्षा को सरल व सुलभ बनाने वाले, समग्र शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत यहां पहुंचे हैं। समग्र शिक्षा कार्यक्रम समावेशी शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक पहल है।
 
समग्र शिक्षा की पहल: 21 विशेष बच्चों ने एवरेस्ट बेस कैंप अभियान की चुनौती स्वीकारी

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। सरकारी विद्यालयों के 21 विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ने एवरेस्ट बेस कैंप अभियान की चुनौती स्वीकार की है। ये छात्र शिक्षा को सरल व सुलभ बनाने वाले, समग्र शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत यहां पहुंचे हैं। समग्र शिक्षा कार्यक्रम समावेशी शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक पहल है।

शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ये सभी छात्र आंध्र प्रदेश के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में पढ़ते हैं। सभी विशेष आवश्यकता वाले बच्चे एवरेस्ट बेस कैंप अभियान पर हैं।

समग्र शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य हर बच्चे को उसकी क्षमता के अनुरूप अवसर प्रदान करना और शिक्षा को वास्तव में समावेशी बनाना है।

मंत्रालय के मुताबिक, इस अभियान में शामिल बच्चे विभिन्न प्रकार की दिव्यांगता से जुड़े हैं, लेकिन उनके हौसले और आत्मविश्वास में कोई कमी नहीं है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, ऊंचाई, ठंड और सीमित संसाधनों जैसी चुनौतियों के बावजूद ये बच्चे अपने साहस और दृढ़ संकल्प से यहां पहुंचे हैं। उनका यह प्रयास न केवल उनके लिए बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। यह अभियान अनुभव आधारित शिक्षा का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी है।

शिक्षाविदों का कहना है कि कक्षा के बाहर इस तरह की गतिविधियां बच्चों को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से परिचित कराती हैं, जिससे उनमें समस्या समाधान की क्षमता, टीमवर्क और आत्मनिर्भरता का विकास होता है। साथ ही, इस यात्रा के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, सहनशीलता और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी मजबूत हो रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहलें बच्चों के मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे यह भी साबित होता है कि यदि सही मार्गदर्शन, सहयोग और अवसर मिले, तो विशेष आवश्यकता वाले बच्चे भी किसी से पीछे नहीं हैं और वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, समग्र शिक्षा के तहत उठाया गया यह कदम न केवल शिक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी बना रहा है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश भी दे रहा है। यह पहल यह दर्शाती है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना और उनके भीतर आत्मविश्वास जगाना भी उतना ही आवश्यक है।

गौरतलब है कि स्कूल शिक्षा से जुड़ी प्रमुख योजनाओं को इस वर्ष बजट में मजबूती दी गई है। समग्र शिक्षा अभियान के लिए 42,100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे शिक्षकों, स्कूलों और छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। वहीं पीएम पोषण योजना को 12,750 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इस आवंटन राशि से बच्चों को पौष्टिक भोजन के जरिए स्वस्थ रखा जा सकेगा।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएसएच