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सलमान खान फायरिंग केस: अनमोल बिश्नोई की याचिका पर कोर्ट ने मांगी स्पेशल पीपी से रिपोर्ट

पुणे, 3 जुलाई (आईएएनएस)। सलमान खान मामले में अनमोल बिश्नोई ने कोर्ट में पेश होने के लिए याचिका दायर की है। इसी को लेकर वकील अजिंक्य मिरगल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि अनमोल बिश्नोई ने तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट के लिए अर्जी दी है और सलमान खान से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान खुद या वर्चुअली पेश होने की मांग की है।
 

पुणे, 3 जुलाई (आईएएनएस)। सलमान खान मामले में अनमोल बिश्नोई ने कोर्ट में पेश होने के लिए याचिका दायर की है। इसी को लेकर वकील अजिंक्य मिरगल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि अनमोल बिश्नोई ने तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट के लिए अर्जी दी है और सलमान खान से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान खुद या वर्चुअली पेश होने की मांग की है।

उन्होंने बताया कि दरअसल, पिछला जो विटनेस हुआ था, वो 20 मई को हुआ था। उसके बाद अगले विटनेस के लिए 1 जुलाई की तारीख दी गई थी कोर्ट में, लेकिन बीच में 23 तारीख को अनमोल बिश्नोई की तरफ से उनके वकीलों ने टेकन ऑन बोर्ड करके उसमें एप्लीकेशन डाला है कि प्रोडक्शन वारंट जारी किया जाए, ऐसा अनमोल बिश्नोई चाहते हैं। अनमोल बिश्नोई अभी तिहाड़ जेल में एनआईए केस में गिरफ्तार हैं, जिसके तहत वो इधर प्रोड्यूस नहीं किए गए और अभी तक कुल मिलाकर चार विटनेस हो गए हैं और इसके आगे की ट्रायल के लिए वो इस केस में खुद फिजिकली या फिर वर्चुअली हाजिर होना चाहते हैं।

इस मामले में अभी तक कुल मिलाकर चार विटनेस एग्जामिनेशन हुई है और इसके आगे जैसे-जैसे प्रोसीक्यूशन नए विटनेस लाएंगे, उसके तहत हम लोग उनका क्रॉस एग्जामिनेशन लेंगे।

अजिंक्य मिरगल ने कहा कि अनमोल बिश्नोई की ओर से दायर याचिका पर फिलहाल अदालत ने विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पीपी) से रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई के आसपास हो सकती है।

उन्होंने बताया कि जिन मामलों में कई गवाह होते हैं और ट्रायल शुरू हो चुका होता है, वहां यदि कोई फरार या वांछित आरोपी बाद में खुद अदालत में पेश हो जाता है या गिरफ्तार होकर लाया जाता है, तो उसके खिलाफ पहले अतिरिक्त आरोप लगाए जाते हैं। इसके बाद उसके संबंध में पूरक आरोपपत्र (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) दाखिल किया जाता है और उसे ट्रायल में शामिल कर लिया जाता है। हालांकि, किसी नए आरोपी के शामिल होने से पहले से चल रही सुनवाई नहीं रोकी जाती।

--आईएएनएस

डीके/वीसी