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'सड़क का घोटाला दिखाया तो मंत्री ने मारा थप्पड़,' युवक ने की प्रवेश वर्मा के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली, 28 सितंबर (आईएएनएस)। साहिब सिंह नाम के युवक ने दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा के इस्तीफे की मांग की है। साहिब सिंह का कहना है कि दिल्ली के तिलक नगर में पीडब्ल्यूडी सड़क के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंत्री को कोई अपशब्द नहीं बोला था, इसके बावजूद प्रवेश वर्मा उन्हें थप्पड़ मारने के बाद चले गए। साहिब सिंह ने प्रवेश वर्मा पर एफआईआर की भी मांग की है।
 

नई दिल्ली, 28 सितंबर (आईएएनएस)। साहिब सिंह नाम के युवक ने दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा के इस्तीफे की मांग की है। साहिब सिंह का कहना है कि दिल्ली के तिलक नगर में पीडब्ल्यूडी सड़क के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंत्री को कोई अपशब्द नहीं बोला था, इसके बावजूद प्रवेश वर्मा उन्हें थप्पड़ मारने के बाद चले गए। साहिब सिंह ने प्रवेश वर्मा पर एफआईआर की भी मांग की है।

पीड़ित साहिब सिंह ने कहा कि पूरी घटना का उनके पास लाइव वीडियो मौजूद है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने मंत्री के खिलाफ एक भी अपशब्द नहीं कहा था।

साहिब सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "उस समय मैं आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह के इंस्टाग्राम पेज पर लाइव था। जब मैंने सड़क का टुकड़ा उठाया, कैमरा उधर से लेकर उनकी तरफ गया और जब तक मैं उन्हें दिखाता, तब तक उन्होंने मेरा फोन छीन लिया। मेरे पास उस पूरी घटना का वीडियो है। एक प्रतिशत भी अगर मैंने कोई गाली दी है, कोई गलत शब्द मेरे मुंह से निकला है, तो मैं अपने लगाए हुए सारे आरोप वापस लेने को तैयार हूं और उनसे माफी मांग लूंगा। लेकिन हमने कुछ भी गलत नहीं बोला।"

साहिब सिंह ने कहा, "हम उन्हें सड़क की क्वालिटी दिखा रहे थे। हमने उन्हें दिखाया कि इस सड़क की असली वैल्यू क्या है। सड़क कालीन से भी हल्की बनी हुई थी, वह टूट रही थी, हाथ से ही निकल रही थी।"

साहिब सिंह का आरोप है कि सड़क की खराब गुणवत्ता दिखाने से मंत्री भड़क गए। उन्होंने कहा, "जब खराब गुणवत्ता का मामला सामने आ गया तो वे एकदम से भड़क, मानों कोई स्कैम उजागर कर रहे हो। उन्होंने थप्पड़ मार दिया। उसके बाद वे चले गए। उन्हें इतना खौफ नहीं होना चाहिए। उन्हें सामने आना चाहिए और पुलिस व सिक्योरिटी के पीछे नहीं छिपना चाहिए।"

उन्होंने बताया, "कल काफी बवाल हुआ तो हमें डिटेन भी कर लिया गया। हमें यहां से काफी दूर एक जगह पर ले जाया गया। मुझे लगता है वह जगह यहां से डेढ़ से दो घंटे की दूरी पर थी। उसके बाद हमें वहां रात में बारह से एक बजे तक रखा गया और फिर फ्री किया गया। डेढ़-दो बजे तक जितने भी लोग थे, करीब सौ से ज्यादा लोगों को पुलिस की दो बसों और जिप्सी में भरकर लाया गया था।"

पीड़ित युवक ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि मंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है।

साहिब सिंह ने कहा, "हमारी मांग यही है कि उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। वे मंत्री बनने लायक नहीं हैं। उनके खिलाफ कम से कम एफआईआर तो दर्ज होनी ही चाहिए। अगर मैंने या किसी और आम आदमी ने ऐसा कुछ किया होता तो कितनी सख्त कार्रवाई होती।"

उन्होंने बताया कि इस मामले में उन्हें राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है। साहिब सिंह ने कहा, "समर्थन मिल रहा है। अरविंद केजरीवाल आ रहे हैं। उन्होंने और पूरी आम आदमी पार्टी ने समर्थन दिया है। कांग्रेस से राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है क्योंकि यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है। एक वर्तमान मंत्री सरेआम एक युवा को ऐसे नहीं मार सकता।"

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस