सामूहिक भागीदारी से 'एक साथ योग महाअभियान' का बनेगा विश्व कीर्तिमान, लोगों से जुड़ने की अपील
नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर आयुष मंत्रालय एक विशेष ऑनलाइन योग सत्र आयोजित कर रहा है, जिसके माध्यम से एक साथ सबसे अधिक लोगों की ऑनलाइन भागीदारी का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, ''गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के इस प्रयास का हिस्सा बनें, जिसमें एक ही समय पर ऑनलाइन योग सत्र में सबसे ज्यादा लोगों की भागीदारी का रिकॉर्ड बनाने की कोशिश की जाएगी। यह प्रयास आयुष मंत्रालय की ओर से 14 जून 2026 को सुबह 6:15 बजे से 7:35 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 अभियान का हिस्सा है, जिसकी थीम है 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' (स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग)। इसमें शामिल होने के लिए 'एम-ओ-ए डॉट हैबिट डॉट योगा' पर रजिस्टर करें।''
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अहमदाबाद में प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप-2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि योग खेल के रूप में शामिल होकर रोजगार का एक बड़ा क्षेत्र बन सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "एक दशक पहले भारत संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव लेकर गया था। हम प्राचीन भारतीय परंपरा को पूरी मानवता के स्वास्थ्य और सामूहिक कल्याण से जोड़ना चाहते थे। यूएन में 190 देशों ने भारत के इस प्रस्ताव का समर्थन किया था। यह देखकर खुशी होती है कि करोड़ों लोग योग को अब अपने जीवन का हिस्सा बना चुके हैं। ध्यान, प्राणायाम उनकी जीवनशैली का हिस्सा बन रहा है।"
उन्होंने कहा, "21 जून को विश्व योगा दिवस मनाया जाएगा। इस दिन दुनिया के अलग-अलग देशों में योग से जुड़े कार्यक्रम होंगे। इस बार मुख्य कार्यक्रम भारत के एक और ऐतिहासिक शहर कोलकाता में होगा। विश्व योगा दिवस से पहले विश्व योगासन चैंपियनशिप हेल्थ और वेलनेस की डबल डोज की तरह है। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस की थीम 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' है।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "खेल के रूप में योगासन का एक और पक्ष है। हम जानते हैं कि हर बड़ा खेल अपने साथ एक पूरा इकोसिस्टम लेकर आता है। रोजगार के नए अवसर पैदा करता है, इसलिए योगासन का खेल के रूप में विस्तार होगा, वैसे-वैसे इससे जुड़ी संभावनाएं बढ़ेंगी। खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और इवेंट प्रबंधकों के लिए भी यह नए अवसर लेकर आएगा।"
--आईएएनएस
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