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एस जयशंकर की घाना, आइवरी कोस्ट और इथियोपिया यात्रा से भारत-अफ्रीका संबंधों को मिली नई गति

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की घाना, कोट डी आइवर और इथियोपिया की पांच दिवसीय यात्रा (6-10 अक्टूबर) से भारत के इन तीन अफ्रीकी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को नई रफ्तार मिली है। यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल तकनीक, कौशल विकास और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। भारत और घाना ने शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक अनुसंधान तथा कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग के लिए दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
 

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की घाना, कोट डी आइवर और इथियोपिया की पांच दिवसीय यात्रा (6-10 अक्टूबर) से भारत के इन तीन अफ्रीकी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को नई रफ्तार मिली है। यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल तकनीक, कौशल विकास और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। भारत और घाना ने शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक अनुसंधान तथा कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग के लिए दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। उनके अनुसार, जयशंकर ने घाना में राष्ट्रपति जॉन द्रामानी महामा से मुलाकात की और उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। दोनों पक्षों ने जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की घाना यात्रा के बाद भारत-घाना साझेदारी में आई तेजी की समीक्षा की।

जयशंकर ने घाना के विदेश मंत्री सैमुअल ओकुडजेटो अबलाक्वा के साथ द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार, निवेश, विकास साझेदारी, दवा उद्योग, क्षमता निर्माण, रक्षा, प्रौद्योगिकी और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर चर्चा की। इसके अलावा पश्चिम अफ्रीका, पश्चिम अफ्रीकी राज्यों के आर्थिक समुदाय (इकोवास), अफ्रीकी संघ, संयुक्त राष्ट्र में सुधार और ग्लोबल साउथ के देशों के बीच सहयोग जैसे मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

विदेश मंत्री ने घाना के आंतरिक मामलों, शिक्षा, मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि तथा पर्यटन, संस्कृति और रचनात्मक कला से जुड़े मंत्रियों से भी मुलाकात की। उन्होंने वहां भारतीय समुदाय के सदस्यों और भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम के पूर्व प्रतिभागियों से भी संवाद किया।

संयुक्त मीडिया वार्ता के दौरान जयशंकर ने क्षतिपूर्ति न्याय और सांस्कृतिक संपत्तियों की वापसी के मुद्दों पर घाना के नेतृत्व की सराहना की। घाना ने भारत की उस भूमिका को भी स्वीकार किया, जिसके तहत भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को समूह की स्थायी सदस्यता दिलाने में योगदान दिया गया।

जयशंकर और अबलाक्वा ने भारत के 'एक पेड़ मां के नाम' और घाना की 'ट्री फॉर लाइफ' पहल के समर्थन में विदेश मंत्रालय परिसर में प्लूमेरिया का पौधा लगाया। जयशंकर ने घाना फॉरेन सर्विस इंस्टीट्यूट में 'भारत, घाना और ग्लोबल साउथ' विषय पर व्याख्यान भी दिया। उन्होंने क्वामे नक्रूमा मेमोरियल पार्क का दौरा किया और अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस के लिए घाना का स्वीकृति पत्र प्राप्त किया।

दोनों देशों ने दवा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र, खनन, रक्षा, रेलवे, डिजिटल प्रौद्योगिकी, कृषि मशीनीकरण, मूल्य संवर्धन, औद्योगीकरण और रोजगार सृजन को भविष्य में सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया।

कोट डी आइवर में जयशंकर ने राष्ट्रपति अलासाने औटारा से मुलाकात की और उन्हें राष्ट्रपति मुर्मू तथा प्रधानमंत्री मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राष्ट्रपति के साथ मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी के साझा दृष्टिकोण पर चर्चा की।

विदेश मंत्री ने उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री तेने बिराहिमा औटारा के साथ रक्षा और सुरक्षा सहयोग की बढ़ती संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। इसके अलावा विदेश मामलों एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग की राज्य मंत्री नियाले काबा के साथ बैठक में दोनों देशों के संबंधों की व्यापक समीक्षा की गई।

भारत और कोट डी आइवर के बीच द्विपक्षीय व्यापार 1.5 अरब डॉलर से अधिक है। दोनों पक्षों ने निवेश, स्थानीय विनिर्माण, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के जरिए व्यापार को और बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। कृषि एवं कृषि प्रसंस्करण, स्वास्थ्य, दवा उद्योग, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, शिक्षा और क्षमता निर्माण को भी सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया गया।

जयशंकर ने कोट डी आइवर में आईटीईसी कार्यक्रम के पूर्व प्रतिभागियों से मुलाकात की। इस बातचीत में राष्ट्रीय शिक्षा, साक्षरता एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री एन'गुएसान कोफी भी शामिल हुए। बैठक में कौशल विकास और प्रशिक्षण को दोनों देशों की साझेदारी मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया। उन्होंने भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत की और देश के आर्थिक विकास तथा द्विपक्षीय मित्रता को मजबूत करने में उनके योगदान की सराहना की।

इथियोपिया में जयशंकर ने प्रधानमंत्री अबी अहमद अली से मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अबी अहमद को दोबारा निर्वाचित होने पर बधाई दी और प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तिगत संदेश भी सौंपा।

जयशंकर ने इथियोपिया के विदेश मंत्री गेदियोन टिमोथेवोस के साथ व्यापक चर्चा की। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, रक्षा, खनन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। क्षेत्रीय घटनाक्रम और साझा हितों से जुड़े वैश्विक मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहे।

विदेश मंत्री ने इथियोपिया के नेशनल पैलेस म्यूजियम, साइंस म्यूजियम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंस्टीट्यूट का दौरा किया। उन्होंने अडवा विक्ट्री म्यूजियम में स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, राजनयिकों तथा शिक्षाविदों को संबोधित किया। अपने व्याख्यान में उन्होंने अफ्रीका के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी और समकालीन बहुपक्षीय सहयोग को आकार देने में ग्लोबल साउथ की सामूहिक भूमिका को रेखांकित किया।

इथियोपिया के साथ भारत की विकास साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए जयशंकर ने वहां जयपुर कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर का अगला संस्करण आयोजित करने की घोषणा की। वर्ष 2024 में इथियोपिया के अफार क्षेत्र में आयोजित शिविर से लगभग 450 लोगों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए गए थे।

भारत ने इथियोपियाई अधिकारियों के लिए फॉरेंसिक विज्ञान, महिला एवं बाल विकास और मीडिया प्रशासन के क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने की भी पेशकश की। इससे मानव संसाधन विकास और संस्थागत क्षमता निर्माण में दोनों देशों के सहयोग को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

अदीस अबाबा में जयशंकर ने अफ्रीका में तैनात भारतीय राजदूतों और उच्चायुक्तों के क्षेत्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता भी की। सम्मेलन में अफ्रीकी महाद्वीप के साथ भारत की साझेदारी को और मजबूत करने के लिए रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इथियोपिया की यात्रा ने भारत-इथियोपिया रणनीतिक साझेदारी को नई गति दी। यह यात्रा दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की इथियोपिया यात्रा और सितंबर 2026 में प्रधानमंत्री अबी अहमद की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते उच्चस्तरीय संपर्कों की कड़ी है।

--आईएएनएस

केआर/