रूस के सुरक्षित इलाकों तक पहुंचा यूक्रेन का हमला, तेल सुविधाओं को बनाया निशाना : जेलेंस्की
नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के अंदर लंबी दूरी के हमले का दावा किया। उनके अनुसार, इन हमलों का मकसद रूस की युद्ध से जुड़ी आर्थिक और सैन्य क्षमता को कमजोर करना और उस पर दबाव बढ़ाना है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''रविवार रात रोस्तोव क्षेत्र में हमारी लंबी दूरी की कार्रवाई असरदार रही। मोर्चे से करीब 250 किलोमीटर दूर स्थित एक निर्यात टर्मिनल को निशाना बनाया गया। इसके अलावा, यारोस्लावल क्षेत्र और उदमुर्त गणराज्य में मौजूद तेल से जुड़ी सुविधाओं पर भी हमले किए गए। उदमुर्त गणराज्य यूक्रेन की सीमा से लगभग 1,300 किलोमीटर दूर है। हम अपनी लंबी दूरी की कार्रवाई की योजना पर काम कर रहे हैं।''
जेलेंस्की ने कहा कि मैं यूक्रेन की रक्षा कर रहे सेना के अपने सभी योद्धाओं का उनकी सटीक कार्रवाई के लिए धन्यवाद देता हूं। उन्होंने उन इलाकों में सफलतापूर्वक काम किया, जिन्हें कुछ समय पहले तक रूस का सुरक्षित इलाका माना जाता था। अपनी इन कार्रवाइयों के जरिए हम युद्ध को रूस तक वापस पहुंचा रहे हैं ताकि आखिरकार सम्मानजनक शांति का रास्ता बन सके।
एक अन्य पोस्ट में यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा, ''पीएसी-2 और पीएसी-3 कोई हमला करने वाली मिसाइलें नहीं हैं। हमने यूरोप से धन जुटाकर इन्हें अमेरिका से खरीदने की व्यवस्था की लेकिन हमारे पास अभी भी इन मिसाइलों की पर्याप्त संख्या नहीं है। इसकी एक वजह यह है कि रूस के सैन्य उत्पादन पर पर्याप्त प्रतिबंध नहीं लगाए गए हैं, इसलिए वह बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन बढ़ा सकता है। यही कारण है कि हमें जल्द से जल्द बेहतर एयर डिफेंस की जरूरत है। मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति की वजह से भी इन मिसाइलों की कमी बनी हुई है। मैं इस मुद्दे पर यूरोपीय देशों, अमेरिका और कुछ अन्य देशों के साथ लगातार काम कर रहा हूं।''
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन में होने वाला हमारा घरेलू उत्पादन हमें ड्रोन और कई दूसरी चीजों को मार गिराने में मदद करता है लेकिन हम अभी बैलिस्टिक मिसाइलों को नहीं रोक सकते। हम यूरोप का अपना एंटी-बैलिस्टिक एयर डिफेंस सिस्टम बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं लेकिन इसमें समय लगेगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइलों के उत्पादन का लाइसेंस देने की मंजूरी दी है। इसका मतलब यह नहीं कि फैसला होते ही हमारे गोदामों में सैकड़ों इंटरसेप्टर मिसाइलें आ जाएंगी। ऐसा नहीं होता।
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन में हम बहुत तेजी से काम कर सकते हैं। इस युद्ध के शुरुआती वर्षों से ही मैं अमेरिका और यूरोपीय देशों से लाइसेंस देने की अपील करता रहा हूं। हमेशा के लिए नहीं बल्कि सिर्फ इस युद्ध की अवधि तक। हम उत्पादन बढ़ाएंगे और इसे अपने साझेदारों के साथ साझा भी करेंगे। हम इसे किसी और को नहीं बेचेंगे। इसका इस्तेमाल सिर्फ यूक्रेन की जरूरतों और जरूरत पड़ने पर हमारे साझेदारों के लिए होगा। आखिर किसे पहले से पता था कि मध्य पूर्व में ऐसी स्थिति बन जाएगी? यह सिर्फ एक उदाहरण है।
--आईएएनएस
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