आरएसएस की युवा संगोष्ठी में 'पंच परिवर्तन' पर जोर, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा
धनबाद, 19 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के तहत रविवार को धनबाद में युवा संगोष्ठी आयोजित की, जिसमें वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और नागरिक दायित्वों के निर्वाह में युवाओं से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के जीजेएलटी सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता आरएसएस के बिहार-झारखंड क्षेत्र के सामाजिक सद्भाव संयोजक राकेश लाल ने कहा कि संगठन अपने 100 वर्ष पूरे कर रहा है, जिसने राष्ट्र निर्माण के अभियान में भारतवर्ष के करोड़ों लोगों को एक सूत्र में जोड़ा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी से संभव है। उन्होंने संघ के 'पंच परिवर्तन' अभियान का उल्लेख करते हुए पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, स्वदेशी जीवनशैली, कुटुंब प्रबोधन और नागरिक कर्तव्यों को सामाजिक बदलाव का आधार बताया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी उतनी ही जरूरी है। कार्यक्रम में युवाओं के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्र निर्माण, सामाजिक चुनौतियों और युवाओं की भूमिका से जुड़े सवालों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने समाज में जातिगत भेदभाव समाप्त करने, परिवार संस्था को मजबूत बनाने, पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने, प्लास्टिक के उपयोग में कमी और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
महानगर संघचालक नित्यानंद पांडेय ने कहा कि युवा समाज और देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं तथा उनके चरित्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम का आयोजन आरएसएस के शताब्दी वर्ष के तहत चल रहे विभिन्न जनसंपर्क और संवाद कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत किया गया। इसमें सरकारी, गैर-सरकारी, अर्धसरकारी संस्थानों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े युवा शामिल हुए।
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