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रूस सस्ता तेल दे रहा है तो उसे खरीदने में कोई बुराई नहीं: पृथ्वीराज चव्हाण

मुंबई, 5 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी पर कहा कि अमेरिका भले ही कुछ भी करे, लेकिन अगर रूस सस्ता तेल दे रहा है तो उसे खरीदने में कोई बुराई नहीं है।
 
रूस सस्ता तेल दे रहा है तो उसे खरीदने में कोई बुराई नहीं: पृथ्वीराज चव्हाण

मुंबई, 5 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी पर कहा कि अमेरिका भले ही कुछ भी करे, लेकिन अगर रूस सस्ता तेल दे रहा है तो उसे खरीदने में कोई बुराई नहीं है।

मुंबई में पृथ्वीराज चव्हाण ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि भारत एक संप्रभु देश है, और सरकार को अपने लोगों के हित में फैसले लेने चाहिए। अगर रूस सस्ता तेल दे रहा है तो उसे खरीदने में कोई बुराई नहीं है, चाहे अमेरिकी सरकार कुछ भी करे। पहले से ही ट्रंप ने टैरिफ लगाया है। इससे ज्यादा वे क्या करेंगे? भारत अगर तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है तो हमें अमेरिका कैसे धमका सकता है? भारत को यह बताना होगा कि यह हमारा फैसला है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अच्छे संबंध बनाए रखना जरूरी है। अमेरिका एक ताकतवर देश है, और उसके साथ अच्छे संबंध रखना कोई बुरी बात नहीं है, लेकिन अच्छे संबंध बनाए रखते हुए भारतीय लोगों के हितों को कभी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

ट्रंप की टैरिफ चेतावनी को लेकर उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत टैरिफ के साथ व्यापार बिल्कुल संभव नहीं है। असल में यह भारत-अमेरिका व्यापार को रोकने जैसा है, खासकर भारत से अमेरिका को होने वाले एक्सपोर्ट को। क्योंकि सीधा बैन नहीं लगाया जा सकता, इसलिए व्यापार रोकने के लिए टैरिफ को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। भारत को यह सहना पड़ेगा। हमारे लोग पहले अमेरिका में एक्सपोर्ट करके जो मुनाफा कमाते थे, वह अब नहीं मिलेगा। हमें दूसरे बाजारों की तलाश करनी होगी, और उस दिशा में कोशिश पहले से ही चल रही है। मैं समझता हूं कि टैरिफ अधिक लगाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। व्यापार तो पहले से ही प्रभावित है, निर्यात तो हो नहीं रहा है।

उन्होंने रूस से संबंध को लेकर कहा कि सवाल यह है कि हमारे ज्यादातर मिलिट्री हथियार रूस से आते हैं, और हमारी सेना की ताकत के लिए हम रक्षा उपकरणों के लिए रूस पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं। हम इसे रोक नहीं सकते, क्योंकि इसमें कई फैक्टर शामिल हैं—कभी कीमतें ज्यादा होती हैं, कभी टेक्नोलॉजी सही नहीं होती। इसीलिए, एक आजाद देश के तौर पर हम रूस से मिलिट्री उपकरण खरीदते रहते हैं। हाल ही में, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमने इजराइल से भी खरीदारी शुरू की है। यह तो हमारा अधिकार है कि किस देश से क्या लेंगे। ट्रंप तो धमकाते रहते हैं, कोलंबिया के राष्ट्रपति को भी धमका दिया है।

उन्होंने वेनेजुएला की कार्रवाई को ध्यान भटकाने की कोशिश बताया। पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि यूएन चार्टर का उल्लंघन, अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हुआ है। रूस-चीन ने तो निंदा की है, भारत बीच में चुप बैठा है। भारत ने इजरायल-गाजा पर भी चुप्पी साधी थी। चीन-रूस ने चिंता व्यक्त की, लेकिन भारत ने चिंता भी जाहिर नहीं की। सरकार अपनी छवि बचा रही है, लेकिन इससे नुकसान हो रहा है।

'जी राम जी कानून' को लेकर भाजपा के अभियान पर कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि नए साल का यह सबसे बड़ा धोखा है। 100 दिन के बजाय अब 125 दिनों की गारंटी दी है, लेकिन यह फर्जी गारंटी है। 2005 से मनरेगा शुरू हुआ था, तब औसतन 100 दिनों में 50 दिन ही रोजगार मिल पाता था। अगर 50 के ऊपर नहीं जा पा रहे थे, तो 125 दिन कैसे देंगे? दूसरी बात, वे राम के बिना चुनाव नहीं जीत सकते, इसलिए मजबूरन राम का नाम लाना पड़ रहा है। बुनियादी केंद्र सरकार की गारंटी हटाकर राज्यों पर डाल दी गई है। हमारा कार्यक्रम तैयार है, हम लोगों को बताएंगे। इतने बड़े कानून में बदलाव हो, तो कानून बनने से पहले स्टैंडिंग कमेटी के पास जाता है, गौर से ध्यान दिया जाता है, सुझाव दिए जाते हैं, विपक्ष भी अपनी बात रख सकता है, लेकिन केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रही है, हम इसके खिलाफ हैं। बिना चर्चा के बिल पारित किया गया।

शरजील इमाम और उमर खालिद को लेकर उन्होंने कहा कि सीएए के समय में जो विरोध प्रदर्शन हुआ था, क्या वह आतंकवादी कार्रवाई थी? यूपीए लगाया गया, क्या वह सही है? विरोध प्रदर्शन करना गलत है क्या? कानून तोड़ा है तो बात रखने का मौका दीजिए। बिना मुकदमा चलाए जबरदस्ती जेल में रख रहे हैं, बेल नहीं दे रहे हैं। राम रहीम को पैरोल दे रहे हैं, हाईकोर्ट कुलदीप सिंह सेंगर को बेल देता है तो सुप्रीम कोर्ट को रोक लगानी पड़ती है। सरकार को कहना चाहिए कि रेपिस्ट को छोड़ेंगे नहीं। कानून व्यवस्था किस तरफ जा रही है, यह सभी देख रहे हैं।

--आईएएनएस

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