रिश्वत मांगने के आरोप में डिप्टी सीएमओ डॉ. सचिंद्र कुमार मिश्रा निलंबित, मेरठ मंडल कार्यालय से अटैच
नोएडा, 3 नवंबर (आईएएनएस)। गौतमबुद्ध नगर के स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। बिसरख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी रह चुके और वर्तमान में डिप्टी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (डिप्टी सीएमओ) के पद पर तैनात डॉ. सचिंद्र कुमार मिश्रा को उत्तर प्रदेश शासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर एक अपंजीकृत क्लीनिक संचालक से फोन पर रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है।
मामला शासन तक पहुंचने के बाद इसे गंभीरता से लेते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। साथ ही पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की जिम्मेदारी मेरठ मंडल के स्वास्थ्य विभाग को सौंपी गई है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी की ओर से इस संबंध में निलंबन का आधिकारिक पत्र जारी किया गया है।
शासन के आदेश के अनुसार, डॉ. सचिंद्र कुमार मिश्रा के खिलाफ यह दंडात्मक कार्रवाई 22 अक्टूबर 2026 को ही प्रभावी कर दी गई थी। हालांकि, गौतमबुद्ध नगर के स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय को इस आदेश की डिजिटल प्रति मंगलवार, 3 नवंबर को प्राप्त हुई है। इसके बाद जिले के स्वास्थ्य विभाग में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जानकारी के मुताबिक, डॉ. सचिंद्र कुमार मिश्रा बिसरख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी और लेवल-3 चिकित्सा अधिकारी के रूप में तैनात रह चुके हैं। आरोप है कि बिसरख क्षेत्र में ही कथित रूप से बिना पंजीकरण के क्लीनिक संचालित करने वाले पवन चौधरी को उन्होंने फोन किया था। इस दौरान उनसे अवैध रूप से पैसों यानी रिश्वत की मांग किए जाने का आरोप लगा। फोन पर रिश्वत मांगने से जुड़ा यह मामला सामने आने के बाद संबंधित शिकायत शासन तक पहुंची।
शासन ने प्रकरण को गंभीर मानते हुए उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली के तहत कार्रवाई करते हुए डॉ. मिश्रा को निलंबित करने का निर्णय लिया। शासन की ओर से जारी आदेश में निलंबन अवधि के दौरान डॉ. सचिंद्र कुमार मिश्रा को अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मेरठ मंडल के कार्यालय से संबद्ध किया गया है। यानी निलंबन की अवधि में उनका मुख्यालय मेरठ मंडल के अपर निदेशक कार्यालय रहेगा। इसके साथ ही मामले की जांच भी मेरठ मंडल के स्तर से कराई जाएगी, ताकि आरोपों से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल की जा सके।
मेरठ मंडल के अपर निदेशक डॉ. मनोज सेन ने डॉ. सचिंद्र कुमार मिश्रा के निलंबन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शासन की ओर से लेवल-3 के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई से संबंधित पत्र उनके कार्यालय को प्राप्त हो चुका है। शासन के उच्च अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार जल्द ही एक विशेष जांच टीम का गठन किया जाएगा। यह टीम पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच करेगी और आरोपों से जुड़े तथ्यों को जुटाएगी। जांच के दौरान संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद गौतमबुद्ध नगर के स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है। खासकर जिले में बिना पंजीकरण के संचालित होने वाले क्लीनिकों के संचालकों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा है। शासन की इस कार्रवाई को स्वास्थ्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार के मामलों के प्रति सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
--आईएएनएस
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