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ऋषिकेश: परमार्थ निकेतन में 25 देशों के राजनयिकों ने किया योग, स्वामी चिदानंद सरस्वती ने पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

ऋषिकेश, 21 जून (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में देश-विदेश से आए लोगों ने योगाभ्यास किया। इस मौके पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से योग आज वैश्विक स्तर पर एक जनआंदोलन बन चुका है और दुनिया के कोने-कोने तक पहुंच गया है।
 
ऋषिकेश: परमार्थ निकेतन में 25 देशों के राजनयिकों ने किया योग, स्वामी चिदानंद सरस्वती ने पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

ऋषिकेश, 21 जून (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में देश-विदेश से आए लोगों ने योगाभ्यास किया। इस मौके पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से योग आज वैश्विक स्तर पर एक जनआंदोलन बन चुका है और दुनिया के कोने-कोने तक पहुंच गया है।

आईएएनएस से बातचीत में स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा, "योग भारत की प्राचीन ऋषि-मुनि परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो हजारों वर्षों से चली आ रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस विरासत को हिमालय की गुफाओं और साधना स्थलों से निकालकर आम जनजीवन का हिस्सा बना दिया है।"

उन्होंने कहा, "संयुक्त राष्ट्र में भी प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले योग का विषय उठाया और इसके महत्व को वैश्विक मंच पर स्थापित किया। आज इसका परिणाम यह है कि दुनिया भर के लोग योग को अपनाकर स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ रहे हैं।"

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा, "योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक कला है। योग व्यक्ति को स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन प्रदान करता है। योग जीवन को उत्सव में बदल देता है और व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।" उनका मानना है कि यदि लोग नियमित रूप से योग करें तो वे न केवल निरोग रह सकते हैं, बल्कि मानसिक तनाव से भी दूर रह सकते हैं।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष परमार्थ निकेतन में 25 से अधिक देशों के राजदूत, उच्चायुक्त और वरिष्ठ अधिकारी योग दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। गंगा तट पर विभिन्न देशों के लोगों को एक साथ योग करते देखना इस बात का प्रमाण है कि योग अब पूरी दुनिया को जोड़ने का माध्यम बन गया है। कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सहित सभी आयु वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा के साथ-साथ धरती और प्रकृति की रक्षा करना भी हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने नदियों को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाए रखने की अपील करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।

इस अवसर पर एक विदेशी महिला प्रतिभागी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि योग सभी के लिए है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते हुए कहा कि योग आज वैश्विक पहचान बन चुका है और यह लोगों को स्वास्थ्य, शांति और संतुलन प्रदान कर रहा है।

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी