ऋषिकेश मुखर्जी की पुण्यतिथि पर जैकी श्रॉफ ने किया याद, कहा-दूरदर्शी कहानीकार को दिल से नमन
मुंबई, 27 अगस्त (आईएएनएस)। चार दशकों से ज्यादा हिंदी सिनेमा में राज करने वाले निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी की पुण्यतिथी गुरुवार को मनाई जा रही है। इस मौके पर अभिनेता जैकी श्रॉफ ने निर्देशक को याद किया।
अभिनेता जैकी श्रॉफ ने इंस्टाग्राम पर निर्देशक की तस्वीर शेयर कर लिखा, "दूरदर्शी कहानीकार, ऋषि दा (ऋषिकेश मुखर्जी) को उनकी पुण्यतिथि पर दिल से याद करते हैं।"
कोलकाता में जन्में ऋषिकेश मुखर्जी को भारतीय सिनेमा में ऋषि दा के नाम से जाना जाता था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक फिल्म संपादक (एडिटर) और कैमरामैन के रूप में की थी।
वर्ष 1951 में वे मुंबई आ गए और महान फिल्मकार बिमल रॉय के साथ उनके सहायक निर्देशक और संपादक के रूप में काम किया। उन्होंने 'दो बीघा जमीन' (1953), 'परिणीता' (1953), और 'देवदास' (1955) जैसी फिल्मों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
बतौर निर्देशक उन्होंने साल 1957 में फिल्म 'मुसाफिर' से शुरुआत की, जो बॉक्स ऑफिस पर असफल रही। साल 1959 में आई फिल्म 'अनाड़ी' (राज कपूर के साथ) ने उन्हें एक बड़ी पहचान दिलाई।
इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और मध्यमवर्गीय परिवार, सादगी और मानवीय रिश्तों पर आधारित कई बेहतरीन फिल्में बनाईं। उनकी यादगार फिल्मों में 'आनंद' (1971), 'गुड्डी' (1971), 'अभिमान' (1973), 'बावर्ची' (1972), 'चुपके-चुपके' (1975), 'गोलमाल' (1979) और 'खूबसूरत' (1980) शामिल हैं।
उनकी फिल्मों में हल्की-फुल्की कॉमेडी के साथ एक गहरा सामाजिक संदेश होता था। सिनेमा में उनके अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा दादासाहेब फाल्के पुरस्कार और पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। 27 अगस्त 2006 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनका सिनेमा आज भी अमर है।
निर्देशक को अपने जीवन के अंतिम वर्षों में उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और लंबी बीमारी का सामना करना पड़ा। ऋषिकेश मुखर्जी को पशुओं से बहुत प्रेम था। मुंबई के बांद्रा स्थित उनके घर में हमेशा कई पालतू कुत्ते और बिल्लियां रहते थे। अपने जीवन के अंतिम दिनों में वे अपने पालतू जानवरों और नौकरों के बीच ही ज्यादा रहते थे।
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