रेरा बकाया वसूली में बड़ी कार्रवाई, अंसल हाईटेक के निदेशक गिरफ्तार
गौतमबुद्धनगर, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। रियल एस्टेट सेक्टर में बकाया धनराशि की वसूली को लेकर गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। रेरा (उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण) की ओर से जारी वसूली प्रमाण-पत्र के बावजूद लंबे समय से करोड़ों रुपए की बकाया राशि जमा नहीं करने पर जिला प्रशासन ने अंसल हाईटेक टाउनशिप्स लिमिटेड के निदेशक को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने निदेशक बंटी पुत्र प्रहलाद को गिरफ्तार कर उपजिलाधिकारी दादरी के समक्ष पेश किया। सुनवाई के बाद बकाया धनराशि जमा नहीं करने और पर्याप्त प्रतिभूति प्रस्तुत नहीं कर पाने पर उन्हें अधिकतम 15 दिनों के लिए जिला कारागार गौतमबुद्धनगर भेज दिया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार, जिलाधिकारी के निर्देशन में जनपद में राजस्व बकायेदारों के खिलाफ विशेष वसूली अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत खासतौर पर उन बिल्डरों और कंपनियों पर कार्रवाई की जा रही है, जिन्होंने रेरा की ओर से जारी वसूली प्रमाण-पत्रों के बावजूद लंबे समय से बकाया धनराशि जमा नहीं की है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे डिफॉल्टर बिल्डरों के खिलाफ अब सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उपजिलाधिकारी दादरी ने बताया कि तहसील दादरी में अंसल हाईटेक टाउनशिप्स लिमिटेड/उत्तम स्टील्स एसोसिएट्स लिमिटेड के खिलाफ रेरा की ओर से जारी वसूली प्रमाण-पत्र के तहत कुल 77 करोड़ 66 लाख 80 हजार 434 रुपए की धनराशि बकाया है। इसके अतिरिक्त इस राशि पर ब्याज भी देय है।
प्रशासन द्वारा उक्त धनराशि को भू-राजस्व के बकाये के रूप में वसूल किया जाना है। बकाया धनराशि जमा कराने के लिए संबंधित फर्म को नियमानुसार मांग-पत्र जारी किया गया था और इसकी विधिवत तामील भी कराई गई थी। इसके बावजूद निर्धारित समयावधि में कंपनी की ओर से बकाया रकम जमा नहीं की गई। इसके बाद जिला प्रशासन ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 171 और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के संबंधित प्रावधानों के तहत गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि बकाया राशि जमा नहीं होने पर गिरफ्तारी का अधिपत्र (आरसी प्रपत्र-37) जारी किया गया था। इसी अधिपत्र के अनुपालन में 30 अक्टूबर को पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए संबंधित बकायेदार बंटी पुत्र प्रहलाद, निदेशक अंसल हाईटेक टाउनशिप्स लिमिटेड/उत्तम स्टील्स एसोसिएट्स लिमिटेड को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद उन्हें उपजिलाधिकारी दादरी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उपजिलाधिकारी के समक्ष बकायेदार को अपना पक्ष रखने के साथ ही बकाया धनराशि का भुगतान करने अथवा पर्याप्त प्रतिभूति प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। हालांकि, सुनवाई के दौरान न तो बकाया धनराशि जमा कराई गई और न ही पर्याप्त प्रतिभूति उपलब्ध कराई गई। इसके बाद नियमानुसार बकायेदार को अधिकतम 15 दिनों की अवधि के लिए बंद करने का आदेश दिया गया।
आदेश के अनुपालन में उन्हें जिला कारागार गौतमबुद्धनगर भेज दिया गया है। इस संबंध में जिला कारागार के अधीक्षक को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए आदेश प्रेषित कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि रेरा के आदेशों के तहत जारी वसूली प्रमाण-पत्रों को गंभीरता से लिया जाएगा।
राजस्व वसूली के मामलों में किसी भी बकायेदार को अनावश्यक छूट नहीं दी जाएगी। प्रशासन के मुताबिक, सभी बकायेदारों को नियमानुसार पर्याप्त अवसर देने के बाद भी यदि वे बकाया धनराशि जमा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कुर्की, संपत्ति की नीलामी और गिरफ्तारी जैसी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने तहसील दादरी के सभी बकायेदारों से अपील की है कि वे अपने खिलाफ लंबित वसूली प्रमाण-पत्रों के सापेक्ष बकाया धनराशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करें। ऐसा नहीं करने पर संबंधित लोगों और संस्थाओं के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
--आईएएनएस
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