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रिपब्लिक डे परेड में भारतीय नाविकों को शामिल करने की मांग, एफएसयूआई ने पीएम मोदी को भेजा पत्र

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (एफएसयूआई) के महासचिव मनोज यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय नाविकों (सीफेरर्स) के एक विशेष दल को शामिल करने और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले नाविकों के परिवारों को सम्मान देने की मांग की है।
 

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (एफएसयूआई) के महासचिव मनोज यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय नाविकों (सीफेरर्स) के एक विशेष दल को शामिल करने और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले नाविकों के परिवारों को सम्मान देने की मांग की है।

एफएसयूआई ने कहा कि यह पहल कैप्टन विजय राज पाठक के विशेष प्रयासों और देशभर के नाविकों की मांग पर की गई है। संगठन का कहना है कि भारतीय नाविक लंबे समय से वैश्विक समुद्री व्यापार को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और उन्हें देश की "दूसरी रक्षा पंक्ति" के रूप में मान्यता मिली हुई है।

प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि दुनिया के 90 प्रतिशत से अधिक व्यापार का परिवहन समुद्री मार्गों से होता है और भारतीय नाविक दुनिया भर में चलने वाले जहाजों पर बड़ी संख्या में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने आजादी से पहले और बाद में देश की आर्थिक और सामरिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

एफएसयूआई ने कोविड-19 महामारी के दौरान भारतीय नाविकों की भूमिका का भी उल्लेख किया। संगठन के अनुसार, जब पूरी दुनिया संकट का सामना कर रही थी, तब भारतीय नाविकों ने कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए दवाइयों, जरूरी सामान और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की थी।

पत्र में कहा गया है कि पिछले कुछ महीनों में कई भारतीय नाविक फारस की खाड़ी, लाल सागर और काला सागर जैसे संवेदनशील और जोखिम वाले क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। इन व्यापारिक मार्गों को चालू रखने के दौरान कई नाविकों ने अपनी जान भी गंवाई है।

एफएसयूआई ने मांग की है कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले नाविकों के परिवारों को बहादुरी पुरस्कार या अन्य उपयुक्त राष्ट्रीय सम्मान दिए जाएं, ताकि उनके बलिदान को आधिकारिक मान्यता मिल सके।

संगठन का कहना है कि भारतीय नाविक प्रशिक्षित, अनुशासित और संगठित कार्यबल हैं। यदि उन्हें गणतंत्र दिवस परेड में मार्च करने का अवसर दिया जाता है, तो इससे उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलेगा और देश की ओर से आभार का संदेश भी जाएगा।

एफएसयूआई ने प्रधानमंत्री से दो प्रमुख मांगें की हैं। पहली, गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय नाविकों के एक दल को शामिल किया जाए। दूसरी, उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में सेवा के दौरान जान गंवाने वाले नाविकों के परिवारों को बहादुरी या वीरता सम्मान देने पर विचार किया जाए।

संगठन ने कहा कि इस संबंध में यदि सरकार को किसी अतिरिक्त जानकारी या सहयोग की आवश्यकता होगी तो वह उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।

--आईएएनएस

एएमटी/एएस