री-इवैल्यूएशन के बाद बदली किस्मत, अहमदाबाद का छात्र बना सीबीएसई 12वीं टॉपर
अहमदाबाद, 24 जून (आईएएनएस)। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने 21 जून को कक्षा 12वीं के री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन के नतीजे घोषित किए। री-इवैल्यूएशन के नतीजे आने के बाद, गुजरात के अहमदाबाद के छात्र कृष अच्युत दानी ने सीबीएसई क्लास 12 की परीक्षा में 500 में से 499 अंक हासिल करके इतिहास रच दिया। इस शानदार उपलब्धि के साथ, उन्होंने देश में टॉप रैंक हासिल की और अपने बेहतरीन एकेडमिक प्रदर्शन के लिए खूब तारीफ बटोरी।
इसी को लेकर कृष अच्युत दानी ने बुधवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि मैं अपने रिजल्ट से बहुत ज्यादा खुश हूं। उन्होंने बताया कि वह बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए प्रतिदिन 2 से 3 घंटे की सेल्फ स्टडी करते थे। इसके अतिरिक्त वह रोजाना सीए फाउंडेशन परीक्षा की भी तैयारी करते थे, जिसका एग्जाम उन्होंने मई में दिया है।
बिना किसी कोचिंग और क्लास के कृष अच्युत ने इतना बेहतरीन परिणाम हासिल किया, इस पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने यह सुनिश्चित किया था कि मैं हर रोज कम से कम 2 से 3 घंटे की पढ़ाई करूं। इसी के साथ बोर्ड परीक्षा के दौरान, मैं जिस भी विषय की परीक्षा के लिए जाता था। इससे पहले मैं उस विषय को एक से दो बार पूरी तरह रिवाइज जरूर करता था।
उन्होंने 12वीं में अपने विषय के बारे में बताते हुए कहा कि उसमें अकाउंटेंसी, अंग्रेजी, आंत्रप्रेन्योरशिप, बिजनेस स्टडीज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) थे। वहीं, रीचेक के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि पहले मुझे 12वीं बोर्ड में 481 अंक प्राप्त हुए थे और बिजनेस स्टडीज में मात्र 83 अंक मिले थे।
कृष ने बताया कि बिजनेस स्टडीज में वह काफी अच्छे हैं। इसलिए उनको संशय हुआ कि यकीयन चेकिंग या मार्किंग में कुछ गलती हुई है। इसी कारण उन्होंने कॉपी के री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है, जिन्होंने हमेशा उनको सपोर्ट और मोटिवेट किया। हर समय उनके साथ खड़े रहें।
उन्होंने आगे के प्लान के बारे में बताते हुए कहा कि वह अभी सीए की तैयारी करेंगे। सीए फाउंडेशन की परीक्षा उन्होंने पहले ही मई में दे दी है, जिसके परिणाम जारी होने का अभी इंतजार कर रहे हैं।
कृष ने बताया कि उन्होंने अपने पिछले जन्मदिन पर ही यह गोल सेट किया था कि उन्हें 12वीं की परीक्षा में ऑल इंडिया प्रथम स्थान प्राप्त करना है, जो हकीकत में अब बदल गया है। इसी के साथ उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे मेहनत के साथ अपनी पढ़ाई करें और हर चीज के पीछे का लॉजिकल कारण ढूंढने की कोशिश करें।
--आईएएनएस
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