Aapka Rajasthan

रत्नागिरी में यूरिया की कमी से किसान चिंतित, जल्द हालात सामान्य होने की उम्मीद

रत्नागिरी, 27 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के कोंकण क्षेत्र में खरीफ कृषि सीजन के दौरान यूरिया खाद की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धान की खेती करने वाले किसानों को आवश्यक मात्रा में यूरिया उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे खेती के कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
 

रत्नागिरी, 27 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के कोंकण क्षेत्र में खरीफ कृषि सीजन के दौरान यूरिया खाद की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धान की खेती करने वाले किसानों को आवश्यक मात्रा में यूरिया उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे खेती के कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

कई क्षेत्रों में धान की बुवाई का काम शुरू हो चुका है। ऐसे समय में फसलों के लिए यूरिया खाद की मांग बढ़ गई है, लेकिन पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रत्नागिरी जिले में इस सीजन के लिए लगभग 6,500 मीट्रिक टन यूरिया खाद की आवश्यकता है। इनमें से चार रेक (मालगाड़ी के डिब्बों) के जरिए खाद उपलब्ध है। अब तक चार हजार मीट्रिक टन यूरिया खाद मिल चुकी है। मांग और आपूर्ति के बीच बने अंतर के कारण कई क्षेत्रों में खाद की कमी महसूस की जा रही है।

जिले में लगभग 44 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है। ऐसे में यूरिया की कमी का सीधा असर हजारों किसानों पर पड़ सकता है। खाद की कमी को देखते हुए जिला कृषि विभाग बफर स्टॉक का वितरण मजबूती से कर रहा है। विभाग के पास उपलब्ध 650 टन के बफर स्टॉक में से अब केवल 90 टन खाद शेष बची है।

कृषि विभाग किसानों को सलाह दे रहा है कि वे केवल यूरिया पर निर्भर न रहें और संतुलित पोषण के लिए सुफला और अन्य उर्वरकों का भी उपयोग करें।

कृषि विभाग ने उम्मीद जताई है कि जून के अंत या 1 जुलाई तक जिले में उर्वरकों का अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध हो जाएगा।

म्हापाडा एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट बाबा दाली ने कहा कि इस वर्ष उर्वरकों की लगभग 50 प्रतिशत कमी बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को नियमित और पर्याप्त मात्रा में खाद की आपूर्ति नहीं हो रही है। फिलहाल केवल दीपक फर्टिलाइजर्स और जुवारी कंपनियों का खाद कुछ मात्रा में उपलब्ध है, जबकि आरसीएफ (राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स) का सामान्य तौर पर सात से आठ रेक खाद जिले में पहुंचता है, लेकिन इस बार अब तक केवल चार रेक ही प्राप्त हुए हैं।

उन्होंने कहा कि आपूर्ति में करीब आधी कमी होने के कारण गांव-गांव में किसानों को खाद नहीं मिल रहा है। इससे किसान काफी नाराज हैं और खेती के महत्वपूर्ण सीजन में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

--आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम