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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने हमारी बातों को गलत नहीं बताया, सबूत मांगा: सपा सांसद राजीव राय

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दल लामबंद है। शुक्रवार को विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और वामपंथी दलों के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी। नेताओं ने बताया कि राष्ट्रपति ने उनकी बातें सुनीं और मामले से जुड़े सबूत देने को कहा। विपक्ष ने कहा कि वह राष्ट्रपति को सबूत सौंपने के साथ ही इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के सामने भी उठाएगा।
 

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दल लामबंद है। शुक्रवार को विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और वामपंथी दलों के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी। नेताओं ने बताया कि राष्ट्रपति ने उनकी बातें सुनीं और मामले से जुड़े सबूत देने को कहा। विपक्ष ने कहा कि वह राष्ट्रपति को सबूत सौंपने के साथ ही इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के सामने भी उठाएगा।

समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कहा कि राष्ट्रपति ने उनकी बातों को गलत नहीं बताया और न ही उनके दावों को खारिज किया। राष्ट्रपति ने सबूत देने को कहा और आश्वासन दिया कि वह अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली कार्रवाई करेंगी। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि मामले में कुछ प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव एमए बेबी ने कहा कि राष्ट्रपति ने विपक्षी नेताओं की बातें बहुत धैर्य से सुनीं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रपति के सामने पूरा ज्ञापन पढ़कर सुनाया। इसके बाद कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा हुई। बेबी ने फॉर्म-6 में कथित गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जब चुनाव आयोग के दो-तिहाई सदस्यों ने फॉर्म-6 के मामले में गड़बड़ी की बात कही, तो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दावा किया कि इसमें बदलाव सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी और सहमति से किए गए थे। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने इस दावे को सही नहीं बताया।

सीपीआई नेता डी राजा ने कहा कि विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि देशभर में इस मुद्दे को लेकर लोगों में आक्रोश है। इसी के मद्देनजर विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात करने और उन्हें ज्ञापन सौंपने का फैसला किया। राजा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने के साथ उसे पढ़कर भी सुनाया।

कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने राष्ट्रपति से मुलाकात को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने वोट चोरी के आरोपों को सीधे खारिज नहीं किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को उठाया था। प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति को सबूत सौंपेगा और 12 अक्टूबर को विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल इसी ज्ञापन के साथ सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मिलने जाएगा।

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए सत्याग्रह के तहत राष्ट्रपति तक पहुंचकर याचिका सौंपना आंदोलन का एक और कदम है। उन्होंने कहा कि विपक्ष यह सुनिश्चित करना चाहता था कि बाद में कोई यह न कह सके कि उसने राष्ट्रपति से संपर्क नहीं किया।

वहीं, कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि विपक्ष सुप्रीम कोर्ट को भी ज्ञापन सौंपेगा। साथ ही, राष्ट्रपति द्वारा मांगे गए सबूत भी जल्द सौंपे जाएंगे। खेड़ा ने कहा कि इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई पहले से जारी है और विपक्ष आगे भी अपनी बात रखेगा।

--आईएएनएस

पीएसके/डीकेपी