राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद इंडिया ब्लॉक के सांसद बोले, ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेकर रहेंगे
नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के 10 सांसदों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। इसके बाद लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उन्होंने संबंधित मुद्दे को उठाया। इस पर उन्होंने हमसे कहा कि हम उनके सामने सबूत पेश करें।
राहुल गांधी के इस बयान पर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि राष्ट्रपति ने हमसे सबूत मांगे हैं तो हम जरूर पेश करेंगे। आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस सांसद ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे। लोग पहले से ही कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
मेट्रो स्टेशन के बंद करने के फैसले को लेकर पवन खेड़ा ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि डर ज्यादा समय तक नहीं रहता। अब हम सभी के मन से डर निकल गया है। देश के नागरिकों के मन से डर खत्म हो गया है और शायद मीडिया का डर भी जल्द ही खत्म हो जाएगा।
कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने कहा कि राष्ट्रपति से मुलाकात और उसके बाद उनका इस बात से इनकार न करना कि वोट की चोरी हो रही है, आज की सबसे बड़ी खबर है। राहुल गांधी ने भी यही बात कही थी। उन्होंने खुशी जाहिर की और राष्ट्रपति का शुक्रिया अदा किया कि उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हो रहा है, तो सबूत दें। आज जो प्रतिनिधिमंडल मिला था, वह ये सबूत सौंपेगा और साथ ही 12 तारीख को यानी दो दिन बाद विपक्षी पार्टियों का एक प्रतिनिधिमंडल इसी मेमोरेंडम के साथ सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पास जाएगा। हम सड़क से लेकर संसद तक वोट चोरी का मुद्दा लेकर जाएंगे।
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए सत्याग्रह के तहत देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने और अपनी याचिका सौंपने की प्रक्रिया में यह एक और कदम था, ताकि बाद में कोई यह दावा न कर सके कि हम कभी राष्ट्रपति के पास नहीं गए। हम तब तक रुकने वाले नहीं हैं, जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं हो जाता।
--आईएएनएस
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