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रांची: ‘राहुल गांधी के इशारे पर हुई छात्रों पर पुलिस कार्रवाई’, आदित्य साहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाया आरोप

रांची, 11 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस ने कंटीले तार, वाटर कैनन, आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। उन्होंने 10 अगस्त को झारखंड के लिए 'काला दिवस' करार दिया।
 

रांची, 11 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस ने कंटीले तार, वाटर कैनन, आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। उन्होंने 10 अगस्त को झारखंड के लिए 'काला दिवस' करार दिया।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंगलवार शाम आयोजित प्रेस वार्ता में साहू ने कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को जिस तरह दबाने का प्रयास किया गया, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई में छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ और मीडिया कर्मियों के कैमरे तोड़े गए।

साहू ने इस कार्रवाई के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि झारखंड में कांग्रेस के समर्थन से सरकार चल रही है। राहुल गांधी दूसरे राज्यों में छात्रों के मुद्दे उठाते हैं, लेकिन झारखंड में छात्रों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर सरकार पर दबाव नहीं बनाते। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी में नैतिकता है तो उन्हें झारखंड आकर छात्रों के साथ मुख्यमंत्री आवास के सामने धरना देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार उनकी बात नहीं सुनती है तो कांग्रेस को राज्य सरकार से समर्थन वापस लेना चाहिए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी को प्रयागराज जाने से पहले झारखंड आकर आंदोलनकारी छात्रों से बात करनी चाहिए थी। उन्होंने राहुल गांधी पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। साहू ने कहा कि एक ओर राहुल गांधी केंद्र में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हैं, वहीं झारखंड में छात्रों की मांगों और राज्य के शिक्षा मंत्री की भूमिका पर सवाल नहीं उठाते। साहू ने कहा कि लाठी, गोली, बंदूक, वाटर कैनन और आंसू गैस से छात्रों की आवाज नहीं दबाई जा सकती।

उन्होंने दावा किया कि झारखंड का छात्र आंदोलन अब केवल राज्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश का आंदोलन बन गया है। उन्होंने कहा कि एनडीए के सांसदों ने संसद के भीतर और बाहर छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा पुलिस और प्रशासन के संयम की सराहना किए जाने पर भी साहू ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और दमनात्मक कार्रवाई को किस आधार पर उचित ठहराया जा सकता है।

उन्होंने भाजपा द्वारा आहूत झारखंड बंद को सफल बताते हुए कहा कि कम समय में बंद का आह्वान किए जाने के बावजूद राज्य की जनता ने व्यापक समर्थन दिया। उन्होंने इसके लिए जनता, पार्टी कार्यकर्ताओं और मीडिया का आभार जताया। साहू ने कहा कि छात्रों के न्याय की लड़ाई सड़क से सदन तक जारी रहेगी।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीकेपी