रांची में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के नाम पर छिड़ा संग्राम, आदिवासी छात्र सड़क पर उतरे
रांची, 6 नवंबर (आईएएनएस)। रांची के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) के नाम को लेकर विवाद गहरा गया है। झारखंड सरकार के कैबिनेट ने करीब डेढ़ साल पहले विश्वविद्यालय का नाम बदलकर शहीद वीर बुधु भगत विश्वविद्यालय करने का फैसला किया था। यह फैसला अब तक लागू नहीं हुआ है।
इससे नाराज आदिवासी छात्रों और विभिन्न संगठनों ने लगातार दूसरे दिन सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के पास की सड़क पर आग लगाकर और बांस-बल्ली से घेराबंदी कर विरोध जताया। इस विवाद की शुरुआत गुरुवार को हुई। पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के नेतृत्व में छात्र अधिकार मोर्चा, आदिवासी छात्र संघ और सरना समिति के सदस्य विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने मुख्य गेट पर लाल रंग से 'शहीद वीर बुधु भगत विश्वविद्यालय' लिख दिया। इस दौरान संगठनों ने नारेबाजी भी की।
उन्होंने सरकार से कैबिनेट के फैसले को जल्द लागू करने की मांग की। गुरुवार देर रात किसी ने गेट पर लिखा गया नया नाम मिटा दिया। शुक्रवार को इसकी जानकारी मिलने के बाद आदिवासी छात्र संगठनों में नाराजगी फैल गई। शुक्रवार को बड़ी संख्या में छात्र और संगठन के सदस्य विरोध जताने पहुंचे। उन्होंने गेट के सामने टायर जलाकर सड़क जाम कर दिया। इससे आसपास की सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वीर बुधु भगत झारखंड के महान स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने 1831-32 के कोल विद्रोह का नेतृत्व किया था। वे आदिवासी समाज के गौरव और संघर्ष के प्रतीक हैं। उनके नाम पर विश्वविद्यालय का नाम रखने का फैसला सरकार कर चुकी है, लेकिन अब तक लागू नहीं हुआ है। ऊपर से गेट पर लिखा गया नाम भी मिटा दिया गया। इसे वे शहीद का अपमान मानते हैं। संगठनों ने दोषियों की पहचान कर कार्रवाई करने और विश्वविद्यालय परिसर में वीर बुधु भगत की प्रतिमा लगाने की मांग की।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि कैबिनेट के फैसले को लागू नहीं करना प्रशासनिक देरी है। यह झारखंड के शहीदों के सम्मान से जुड़ा मामला है। सरकार को इस पर जल्द कार्रवाई करनी चाहिए। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय पहले रांची कॉलेज के नाम से जाना जाता था। वर्ष 2017 में तत्कालीन रघुवर दास सरकार ने इसे अपग्रेड कर विश्वविद्यालय का दर्जा दिया था।
इसके बाद इसका नाम डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रखा गया। 8 मई 2025 को हेमंत सोरेन सरकार की कैबिनेट ने इसका नाम बदलकर शहीद वीर बुधु भगत विश्वविद्यालय करने का फैसला लिया था। लेकिन अब तक विश्वविद्यालय पुराने नाम से ही चल रहा है। इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन का आधिकारिक पक्ष अब तक सामने नहीं आया है।
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