रांची में शुरू हुआ तीनदिवसीय सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला, बिखरे संस्कृति के विविध रंग
रांची, 1 मई (आईएएनएस)। झारखंड की राजधानी रांची स्थित ऑड्रे हाउस में शुक्रवार से तीन दिवसीय सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला 2026 की शुरुआत हुई। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने मेले का विधिवत उद्घाटन किया। यह आयोजन 3 मई तक चलेगा, जिसमें आम लोगों के लिए सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई है।
मेले में 125 स्टॉलधारकों को निशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं, जहां झारखंड की लोक संस्कृति, हस्तशिल्प और स्वदेशी उत्पादों की झलक देखने को मिल रही है। सोहराय पेंटिंग, लीफ आर्ट, खादी वस्त्र, डोकरा और माटी कला के उत्पाद, बांस से बने सामान और लाह की चूड़ियां आकर्षण का केंद्र हैं। स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार अचार-पापड़ समेत विभिन्न उत्पाद ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत कर रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार, यह मेला स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मेले का उद्घाटन करते हुए सांसद संजय सेठ ने कहा कि यह आयोजन स्वदेशी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते भारत का एक सशक्त प्रतीक है। महोत्सव में विशेष रूप से उन छोटे उत्पादकों और कारीगरों को मंच दिया गया है जो 'वोकल फॉर लोकल' के संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं।
उद्घाटन के बाद संजय सेठ ने मेले का भ्रमण कर विभिन्न स्टॉलधारकों और स्थानीय उत्पादकों से मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक भोजन और “श्री अन्न” (मोटे अनाज) भारतीय जीवन शैली का अहम हिस्सा रहे हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से फिर से पहचान मिली है।
मेले में इन पारंपरिक आहारों को विशेष स्थान दिया गया है, जिससे न केवल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि छोटे किसानों और स्थानीय उत्पादकों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। महोत्सव में रांची के बच्चों द्वारा “ऑपरेशन सिंदूर” विषय पर बनाई गई पेंटिंग की प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसमें भारतीय सैनिकों की शौर्यगाथा को दर्शाया गया है।
इसके अलावा केंद्रीय संचार ब्यूरो (सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय) की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई है। पहले दिन गरबा, डालखाई, झूमर और पद्मश्री मुकुंद नायक की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। आयोजन के दौरान स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के बीच सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जबकि शाम के समय देशभर के कलाकार विभिन्न मंचों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
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