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रांची में अवैध हथियार तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, बिहार से जुड़ा कनेक्शन, तीन आरोपी गिरफ्तार

रांची, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। रांची पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह बिहार से हथियार लाकर झारखंड के विभिन्न इलाकों में सप्लाई करता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मांडर निवासी विशाल सिंह, चान्हों के अभिषेक शर्मा और करण गोप के रूप में हुई है।
 
रांची में अवैध हथियार तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, बिहार से जुड़ा कनेक्शन, तीन आरोपी गिरफ्तार

रांची, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। रांची पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह बिहार से हथियार लाकर झारखंड के विभिन्न इलाकों में सप्लाई करता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मांडर निवासी विशाल सिंह, चान्हों के अभिषेक शर्मा और करण गोप के रूप में हुई है।

ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस पूरे नेटवर्क की कड़ी 13 अप्रैल की रात मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान हाथ लगी। पुलिस ने एक संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोककर तलाशी ली, जिसमें दो युवकों के पास से पिस्टल और कारतूस बरामद हुए। पकड़े गए युवकों ने पूछताछ में खुलासा किया कि उन्हें हथियारों की आपूर्ति मांडर के करगे गांव निवासी विशाल सिंह करता है।

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विशाल सिंह के घर पर छापेमारी की और उसे धर दबोचा। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि विशाल ने अपने घर को ही अवैध हथियारों का स्टॉक रखने का अड्डा बना रखा था। विशाल ने पुलिस को बताया कि उसे हथियारों की खेप अभिषेक शर्मा पहुंचाता है, जो बिहार से हथियार लाकर यहां ऊंचे दामों पर बेचता था।

अभिषेक के खिलाफ पहले भी आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए पुलिस ने मांडर के हातमा जंगल में घेराबंदी कर अभिषेक शर्मा और उसके साथी करण गोप को भी गिरफ्तार कर लिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से तीन देशी पिस्टल, दस जिंदा गोलियां, चार मैगजीन और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह शुरुआत में छोटे स्तर पर सक्रिय था, लेकिन धीरे-धीरे इसने अपना नेटवर्क राज्य के कई इलाकों में फैला लिया।

गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर इस धंधे में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है, और जल्द ही कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीकेपी