रांची : ईडी दफ्तर में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी के साथ मारपीट का आरोप, जांच के लिए दल बल के साथ पहुंची पुलिस
रांची, 15 जनवरी (आईएएनएस)। राजधानी रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी संतोष कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट और उसपर जानलेवा हमले के मामले की जांच के लिए रांची पुलिस के वरिष्ठ अफसरों की एक टीम गुरुवार सुबह ईडी के दफ्तर पहुंची। ईडी कार्यालय परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई।
संतोष कुमार नामक जिस शख्स ने ईडी के अफसरों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ रांची के एयरपोर्ट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है, वह पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में क्लर्क के रूप में पोस्टेड था और उसके खिलाफ विभाग में हुए 23 करोड़ के घोटाले के मामले की जांच ईडी कर रही है।
संतोष कुमार रांची के अपर चुटिया का रहने वाला है। इसने एयरपोर्ट थाना में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप लगाया कि 12 जनवरी को उसे हिनू स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। शिकायत के अनुसार, दोपहर करीब 1.35 बजे जब वह ईडी के सहायक निदेशक (द्वितीय) प्रतीक के कक्ष में पहुंचे, तो वहां मौजूद अधिकारियों ने उन पर आरोप स्वीकार करने का दबाव बनाया। इनकार करने पर सहायक निदेशक प्रतीक और उनके सहायक शुभम ने कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी।
संतोष कुमार का आरोप है कि मारपीट के दौरान उन पर जानलेवा हमला किया गया, जिससे उनका सिर फट गया और काफी खून बहने लगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने धमकी देते हुए कहा कि यदि वे मर भी जाते हैं तो किसी को फर्क नहीं पड़ेगा।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि अस्पताल में उन्हें डॉक्टर को चोट लगने की वास्तविक वजह न बताने का दबाव बनाया गया। आरोपों के अनुसार, अस्पताल से लौटने के बाद उनकी खून से सनी टी-शर्ट उतरवाकर नया कपड़ा पहनाया गया और एक तथाकथित 'इंसिडेंट रिपोर्ट' पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए, जिसे पढ़ने तक का मौका नहीं दिया गया। साथ ही यह धमकी दी गई कि यदि घटना की जानकारी मीडिया, पुलिस या वकील को दी गई, तो उनकी पत्नी और बच्चों को जेल भेज दिया जाएगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में टीम ईडी कार्यालय पहुंची। ईडी कार्यालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई, जबकि भीतर सदर डीएसपी और एयरपोर्ट थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
पुलिस कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में जुटी है, ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके।
वहीं, ईडी अफसरों ने संतोष कुमार के आरोपों को साजिश करार दिया है। ईडी का दावा है कि संतोष कुमार को कोई समन नहीं भेजा गया था। वह खुद 12 जनवरी को ईडी कार्यालय पहुंचा था और उसने खुद शीशे की बोतल से अपने सिर पर चोट पहुंचाई।
ईडी के अनुसार, अधिकारियों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया। ईडी ने इस मामले में उच्च न्यायालय का रुख करने की बात कही है।
इधर, भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर आशंका जताई है कि पुलिस कार्रवाई की आड़ में ईडी के पास मौजूद महत्वपूर्ण साक्ष्यों से छेड़छाड़ या उन्हें नष्ट करने का प्रयास किया जा सकता है।
--आईएएनएस
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