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रामलीला मैदान में भाजपा पर बरसे अखिलेश, बोले-अंगद का पैर कहने वालों के पैरों तले जमीन नहीं बची

नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडी गठबंधन की रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने वोट चोरी के मामले को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा।
 

नई दिल्‍ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को दिल्‍ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडी गठबंधन की रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्‍होंने वोट चोरी के मामले को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा।

उन्‍होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग यह कहते हुए आए थे कि उनका रुख अंगद के पैर की तरह अडिग है, उन्हें अब पता चल गया है कि उनके पैरों के नीचे कोई जमीन ही नहीं बची है।

रैली में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "मैं रामलीला मैदान से उठती हुई आवाज सुन सकता हूं। जब से यह तय हुआ कि गठबंधन और उसके सहयोगी दल, देश के लोकतंत्र को कमजोर करने वालों के खिलाफ यहां रामलीला मैदान में एकजुट होंगे, तब से मुझे पता चला है कि उन लोगों को भी याद आया कि वे हमारे साथ जुड़ना चाहते हैं। मैं जहां से चुनकर आता हूं, उत्तर प्रदेश (और वहां से कई साथी यहां आए भी होंगे) के लोग जानते हैं कि जब रामलीला मैदान में यह रैली होने वाली थी, ठीक उसी समय उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की ओर से यह दावा किया गया कि हिंदू भाइयों के 1 करोड़ 27 लाख वोट हटा दिए गए हैं।"

सपा प्रमुख ने कहा सोचिए, रामलीला मैदान की ताकत और इंडिया गठबंधन की आवाज कि भारतीय जनता पार्टी के लोगों को भी याद आ रहा है कि उनके भी वोट कट गए हैं। अगर मैं यह बात कहूं क‍ि 1 करोड़ 27 लाख वोट कटे हैं, 403 विधानसभाओं का अगर हम गणित लगा दें, तो 31 हजार वोट हर विधानसभा में उनके कम हुए हैं। सच्‍चाई तो यह है कि वो अपनी हार का ठीकरा किसी और के ऊपर डालना चाहते हैं। जो लोग यह कहते हुए आए थे कि उनका रुख अंगद के पैर की तरह अडिग है, उन्हें अब पता चल गया है कि उनके पैरों के नीचे कोई जमीन ही नहीं बची है तो फिर आप अंगद का पैर कहां टिकाएंगे?

अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग डबल इंजन सरकार का दावा करते थे, मुझे खुशी है कि काशी की जनता ने उन्हें 'डबल जीरो' दे दिया और वे सिर्फ एक हार से संतुष्ट नहीं हुए। यहां मौजूद मेरे साथियों को पता होना चाहिए कि वोटों की गिनती दो रात और तीन दिन तक चली। वे चंडीगढ़ वाली चाल चलना चाहते थे, लेकिन सफल नहीं हुए। 'डबल इंजन' वालों को उत्तर प्रदेश में दोहरी हार मिली और 'डबल जीरो' हाथ लगा और यह कौन सा इलाका है? जो लोग काशी को जानते हैं, उन्हें यह भी पता है कि यह 'क्योटो' है।"

उन्‍होंने कहा कि हम एकजुट यूं ही नहीं हुए हैं। हम सब ने देखा है कि भाजपा लगातार साजिश और षड्यंत्र कर रही है। वो जानते हैं कि जनता के बीच में जीत नहीं सकते हैं। ऐसे में उन्‍होंने रास्‍ता अपनाया है चुनाव आयोग के माध्‍यम से। कौन नहीं जानता है कि उन्‍होंने बंगाल का चुनाव लूटा है। बंगाल चुनाव की तस्‍वीरें कोई भूल नहीं सकता है। वहां पर फौज लगाकर और चुनाव से पहले एसआईआर कराकर पूरे के पूरे वोट कटवा दिए गए थे। हम गठबंधन के लोग हार मानने वाले नहीं हैं। हमने इनकी चोरी पकड़ी है। मुझे याद है कि 2022 में, जिस समय उत्‍तर प्रदेश में चुनाव हुआ था, हम लोग सरकार नहीं बना पाए लेकिन उसका कारण यह नहीं था, कारण वोट चोरी था। जिस समय चुनाव आयोग को यह बात कही गई कि आपने हजारो वोट चिन्हित करके समाजवादी पार्टी के हटाए हैं तो मुझे नोटिस दिया गया। चुनाव आयोग ने पूछा था कि आप किस आधार पर यह कह रहे हैं कि हजारों वोट काट दिए गए हैं।

उन्‍होंने कहा कि मुझे याद है हमारे समाजवादी कार्यकताओं और पीडीए प्रहरियों ने एक-एक बूथ पर जाकर वोट ढ़ूढने का काम किया। जिन्होंने 2019 में वोट दिया था, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनावों में वे अपने वोट देने के अधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पाए। हमने चुनाव आयोग को एक हलफनामा सौंपा था, जिसमें बताया था कि इन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इसके बावजूद, समाजवादी पार्टी की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और न ही किसी के खिलाफ कोई कदम उठाया गया। हमने हलफनामा भी दिया था, लेकिन पता नहीं चुनाव आयोग किस गहरी नींद में सो रहा था, हालांकि अब सुनने में आ रहा है कि चूंकि जनता जाग गई है और उनके खिलाफ आवाज उठाने लगी है, इसलिए कुछ कार्रवाई की जा रही है।"

सपा प्रमुख ने कहा कि पहले पीलीभीत में कार्रवाई की, जहां पर हजारों वोट की हेराफेरी की गई और यह बात कोई नई नहीं है। चुनाव आयोग ने बंगाल में जो किया, वो सबसे पहले उत्‍तर प्रदेश के रामपुर के लोकसभा चुनाव में वोट लूटा था। फौज लगा दी और किसी को वोट डालने नहीं दिया। साथ ही घरों में जाकर धमका दिया गया कि अगर निकलोगे तो पुलिस फोर्स आपको जेल भेज देगी। उत्‍तर प्रदेश के बाई इलेक्‍शन में भी वोट चोरी की गई।

उन्‍होंने कहा कि तस्‍वीरें भूली नहीं जाती हैं। एक पुलिस अधिकारी रिवाल्‍वर तानकर तीन माताओं और बहनों को रोक रहा है और वोट डालने के लिए नहीं जाने दे रहा है, लेकिन खुशी इस बात की है कि वो माताएं-बहनें घबराईं नहीं और वोट डालकर आईं। अगर वोट है तो हम भारत के नागरिक है और भाजपा चाहती है कि जो भारतीय जनता पार्टी का सदस्‍य है, उसी का वोट बनें। यह बड़ी साजिश चल रही है।

सपा प्रमुख ने आगे कहा कि हमारे साथ तेजस्‍वी यादव ने याद दिलाया कि किस तरीके से महाभारत में शकुनी ने पासा फेंककर धोखा देने का काम किया था। मैं यह कह सकता हूं कि जन सैलाब और जनसमर्थन देखकर "आज रामलीला मैदान, लोकतंत्र की हल्दीघाटी बन गया है।" इस लोकतंत्र की हल्‍दीघाटी में कई बार नया इतिहास लिखा गया है। यह जनसमर्थन दिखाई दे रहा है, फिर से बदलावा आएगा। इंकलाब के नारे गवाह हैं कि कभी भी परिवर्तन आ सकता है।

उन्‍होंने कहा, "जो लोग कभी यूपी से आए थे, वो यूपी से ही बाहर जाएंगे।" यूपी वाले अगर स्‍वागत अच्‍छा करते हैं तो विदाई उससे बेहतर करते हैं। लोकसभा में थोड़ी विदाई की है, आने वाले 2027 में ऐसी विदाई होगी कि दोबारा भारतीय जनता पार्टी और सहयोगी लोग लौटकर नहीं आ पाएंगे। यह रामजी की लीला का मैदान है। हमने रामलीला में देखा है कि पापी का नाश होता है। राम जी के सामने पापी बचने वाले नहीं हैं।उन्‍होंने कहा कि जिन्‍होंने रामजी का धन चुराया है, जिन्‍होंने चंदा चोरी की है, उनका नाश होना तय है।

अखिलेश यादव ने कहा कि जब से यह बात पता चली है कि यूपी में 1 करोड़ 27 लाख वोट कटे हैं, तो दिल्‍ली वालों पर ठीकरा फोड़ना चाहते हैं। लोगों का कहना है कि मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त वोट चोरी की सबसे बड़ी कड़ी हैं। उस कड़ी के साथ देश की प्रतिष्ठित कंपनी साथ दे रही है। सोचो कितनी बड़ी साजिश होने जा रही है। हमने देखा है कि यूपी में मुंहनोचवा आते थे, इस बार वोट नोचवा आए हैं।

--आईएएनएस

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