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रामलीला मैदान में इंडी गठबंधन की महारैली, लोकतंत्र और मताधिकार पर केंद्र सरकार को घेरा

नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की महारैली में विपक्षी दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा समेत गठबंधन के कई घटक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान नेताओं ने लोकतंत्र की रक्षा, मताधिकार और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर भी आवाज बुलंद की गई।
 

नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की महारैली में विपक्षी दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा समेत गठबंधन के कई घटक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान नेताओं ने लोकतंत्र की रक्षा, मताधिकार और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर भी आवाज बुलंद की गई।

कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि देश का प्रधानमंत्री भारत की जनता चुनती है। इस रैली के माध्यम से इंडिया गठबंधन यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि देश की जनता, कार्यकर्ता और आम नागरिक क्या चाहते हैं। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल लोगों की संख्या से जनता की भावनाओं और समर्थन का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसे देखकर दूसरी तरफ के लोगों को भी जनता की इच्छा का पता चल जाएगा।

सलमान खुर्शीद ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक रैली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे भी जारी रहेगा। आज इस आंदोलन की एक बड़ी धारा देखने को मिल रही है। आगे क्या होता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने रामलीला मैदान में आयोजित रैली को लेकर भाजपा के विरोध पर कहा, "यह लोकतंत्र है और इस देश की धरती पर हमारा भी अधिकार है। हम इस संविधान के बराबर के हकदार हैं। अरे, यह सब इनका ड्रामा है? 12 साल तक सत्ता में रहने के दौरान आपने सिखों के लिए क्या किया? आज आपको उनकी याद आ रही है? ये अपनी आदत से मजबूर हैं और हमेशा दूसरों का नाजायज फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। अब व्यापारियों की चिंता जता रहे हैं, तो फिर यहां रैली की अनुमति क्यों दी गई? इसकी अनुमति तो खुद उन्हीं लोगों ने दी है।"

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने रैली को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य किसी के खिलाफ जाना या किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं है। यह रैली देश में लोकतंत्र को बचाने और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए वोट के अधिकार की रक्षा के लिए आयोजित की गई है।

उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र कायम रहेगा और संविधान के तहत मिले मताधिकार की रक्षा की जाएगी। इंडी गठबंधन लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

एआईटीसी की सांसद सागरिका घोष ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने सरकार को 'मोदी-शाह-ज्ञानेश गठबंधन' बताते हुए कहा कि इसे जनता और विपक्ष की आवाज सुननी ही पड़ेगी। रामलीला मैदान में आयोजित रैली के बाद ज्ञानेश कुमार अपने पद पर नहीं रह पाएंगे। वहीं, पार्टी के सांसद सौगत रॉय ने कहा कि देशभर से बड़ी संख्या में लोग ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर एकजुट हुए हैं।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की सांसद महुआ माजी ने कहा कि इंडी गठबंधन लोकतांत्रिक तरीके से हर संभव प्रयास कर रहा है। गठबंधन सरकार से मांग कर रहा है कि जनता को न्याय मिले और उसकी आवाज सुनी जाए। विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।

रैली में शामिल एक कार्यकर्ता ने भी चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि शुरुआत में राहुल गांधी का काफी मजाक उड़ाया जाता था, लेकिन धीरे-धीरे इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों को यह समझ आने लगा कि वोट चोरी हो रही है। वोट चोरी के आरोपों के बीच ऐसी सरकार का जाना जरूरी है, अन्यथा चुनाव और लोकतंत्र का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।

--आईएएनएस

एसएके/एबीएम