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रामचंद्र राव बोले- 'दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या यात्रा का मकसद लोगों में डर पैदा करना', ओवैसी पर साधा निशाना

हैदराबाद, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष रामचंद्र राव ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या यात्रा पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक यात्रा सिर्फ दिखावा है, जिसका मकसद लोगों में डर पैदा करना है। इसके साथ ही, रामचंद्र राव ने एसआईआर के विरोध पर कांग्रेस और असदुद्दीन ओवैसी पर भी पलटवार किया।
 

हैदराबाद, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष रामचंद्र राव ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या यात्रा पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक यात्रा सिर्फ दिखावा है, जिसका मकसद लोगों में डर पैदा करना है। इसके साथ ही, रामचंद्र राव ने एसआईआर के विरोध पर कांग्रेस और असदुद्दीन ओवैसी पर भी पलटवार किया।

दिग्विजय सिंह पर रामचंद्र राव ने आईएएनएस से कहा, "आरएसएस के खिलाफ दिग्विजय सिंह जो पदयात्रा करने वाले हैं, वह राजनीतिक मकसद से प्रेरित है। उज्जैन से अयोध्या तक की उनकी यात्रा सिर्फ दिखावा है, जिसका मकसद लोगों में डर पैदा करना और आरएसएस व भाजपा के बारे में झूठ फैलाना है।"

राव ने कहा कि दिग्विजय सिंह ऐसी राय बनाने की कोशिश कर रहे हैं जैसे कि आरएसएस और भाजपा सांप्रदायिक राजनीति करते हैं, जो पूरी तरह गलत है। कांग्रेस और उसके सहयोगी ही हमेशा लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश करते रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "कांग्रेस के शासनकाल में सबसे अधिक सांप्रदायिक दंगे हुए, लेकिन भाजपा के सत्ता में आने के बाद सांप्रदायिक झड़पें लगभग खत्म हो गई हैं। इसलिए, सच्चाई यह है कि कांग्रेस पार्टी सांप्रदायिक राजनीति को बढ़ावा देती है। उनके अपने ही नेता कहते हैं कि 'मुसलमान ही कांग्रेस है और कांग्रेस ही मुसलमान है'। इस बात का दिग्विजय सिंह के पास क्या जवाब है?"

भाजपा नेता ने कहा कि पहले दिग्विजय सिंह को अपने नेताओं को ठीक करना चाहिए, धर्म के बारे में उनके नेताओं के बयानों को स्पष्ट करना चाहिए और धर्म को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने व मुसलमानों को राजनीतिक वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करने के मामले में स्थिति साफ करनी चाहिए।

एसआईआर विवाद पर उन्होंने कहा, "असदुद्दीन ओवैसी और दूसरे नेताओं को यह पता होना चाहिए कि एसआईआर एक प्रक्रिया है, जिसे भाजपा ने शुरू नहीं किया है। यह चुनाव आयोग की प्रक्रिया है। यह कांग्रेस के शासनकाल में भी होती थी। तब उन्होंने विरोध नहीं किया, तो अब क्यों कर रहे हैं? केरल में भी एसआईआर के बाद ही कांग्रेस जीती है, लेकिन उनके पास इसका कोई जवाब नहीं है। इसलिए जब भी कांग्रेस या 'इंडिया' गठबंधन चुनाव हारता है, तो वे भारत के चुनाव आयोग या ईवीएम को दोष देते हैं।"

उन्होंने कहा कि ओवैसी और कांग्रेस नेता इसलिए परेशान हैं क्योंकि भाजपा पिछले साढ़े दस साल से सत्ता में है और वह आगे भी सत्ता में बनी रहेगी, क्योंकि लोगों का 'इंडिया' गठबंधन और कांग्रेस पार्टी से भरोसा उठ गया है। इसलिए, कांग्रेस और ओवैसी एक गलत धारणा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

रामचंद्र राव ने यह भी कहा कि विपक्ष एसआईआर को लेकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, जबकि असल में यह मरे हुए वोटरों के नाम हटाने की प्रक्रिया है। यह डुप्लीकेट और विदेशी वोटरों के नाम हटाने की प्रक्रिया है। यह एक ऐसी प्रक्रिया भी है, जिसके तहत लोग जहां रह रहे हैं, उनके वोट वहां शिफ्ट किए जा सकते हैं। इसमें कुछ भी गैर-कानूनी नहीं है और न ही इसमें कुछ ऐसा है, जिस पर आपत्ति जताई जाए या आपत्ति होनी चाहिए।

--आईएएनएस

डीसीएच/