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रामायण' में कैकेयी बनकर इमोशनल हुईं लारा दत्ता, पिता को किया याद, बोलीं- काश वो यहां होते

मुंबई, 5 नवंबर (आईएएनएस)। महाकाव्य 'रामायण' गुरुवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म में अभिनेत्री लारा दत्ता माता कैकेयी के रोल में नजर आ रही हैं। अभिनेत्री का कहना है कि इस मौके पर अगर उनके पिता जी होते तो उन पर गर्व करते।
 

मुंबई, 5 नवंबर (आईएएनएस)। महाकाव्य 'रामायण' गुरुवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म में अभिनेत्री लारा दत्ता माता कैकेयी के रोल में नजर आ रही हैं। अभिनेत्री का कहना है कि इस मौके पर अगर उनके पिता जी होते तो उन पर गर्व करते।

लारा दत्ता ने इंस्टाग्राम पर अपनी कुछ तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वह कैकेयी के रोल में नजर आ रही हैं। उन्होंने लिखा, "जो कई साल पहले एक दिली इच्छा के तौर पर शुरू हुआ था। किसी ऐसे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना, जो अपने आप में ऐतिहासिक है। कुछ ऐसा जो वक्त से भी आगे निकल जाए और हमारी जिंदगी का ही हिस्सा हो। आज, वो इच्छा एक ऐसी कहानी में जगह बना रही है, जो अनंत काल से टाइमलेस है।"

अभिनेत्री ने आगे माता कैकेयी का रोल निभाने की जिम्मेदारी पर बात करते हुए लिखा, "माता कैकेयी का रोल निभाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। वह इतिहास की सबसे गलत समझी जाने वाली महिलाओं में से एक रही हैं। उनका गुस्सा, कमजोरी, अपराधबोध और पछतावा पर्दे पर जीवंत करने की जिम्मेदारी मिलना बहुत बड़ी बात है।"

उन्होंने लिखा, "मैं दिल से आभारी हूं। आज यह दिव्य कहानी आप सभी तक पहुंच रही है और मुझे उम्मीद है कि मैंने अपने अभिनय से मैं माता कैकेयी के साथ न्याय कर पाई होंगी। आप इस कहानी को सदियों की धारणाओं से आगे बढ़कर देखें और दिव्य भविष्यवाणी को पूरा करने में माता कैकेयी के अहम रोल को अपनाएंगे।"

लारा दत्ता ने उन पर भरोसा करने के लिए प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा और डायरेक्टर नितेश तिवारी को भी धन्यवाद दिया। अपने को-स्टार्स और क्रू मेंबर्स के प्रति आभार जताते हुए उन्होंने इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना एक सौभाग्य बताया। अपने नोट के आखिर में एक्ट्रेस ने अपने पिता को याद करते हुए एक इमोशनल मैसेज शेयर किया। उन्होंने लिखा, "आज मुझे अपने पिता की बहुत याद आ रही है और काश वो यहां मेरे साथ इसे देखने के लिए होते।"

अपने नोट को खत्म करते हुए लारा ने इस महाकाव्य के इमोशनल महत्व पर बात की। उन्होंने लिखा, "कुछ कहानियां सिर्फ सुनाई नहीं जातीं। उन्हें जिया जाता है, महसूस किया जाता है और अपने अंदर संभाल कर रखा जाता है। यह ऐसी ही एक कहानी है। जय श्री राम।"

--आईएएनएस

एनएस/वीसी