'चंदा चोरी' राम मंदिर ट्रस्ट का अंदरूनी मामला, जांच चल रही है: मंत्री सूर्य प्रताप शाही
अयोध्या, 12 जून (आईएएनएस)। अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों को लेकर विपक्ष राज्य सरकार पर हमलावर है। वहीं, इन आरोपों पर उत्तर प्रदेश सरकार का सख्ती और स्पष्ट रुख सामने आया है। योगी सरकार में मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि यह श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का अंदरूनी मामला है और ट्रस्ट खुद इसकी जांच कर रहा है।
अयोध्या में मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट एक स्वायत्त संस्था है, जो इंडियन ट्रस्ट एक्ट के तहत रजिस्टर्ड है। इसके अपने नियम-कानून हैं। ट्रस्ट के लोग जांच शुरू कर चुके हैं और जरूरी कदम उठाएंगे। अगर ट्रस्ट सरकार से कोई सहयोग चाहेगा तो सरकार अवश्य विचार करेगी। किसी के भरोसे के साथ खेल नहीं हो सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर पर लगातार सवाल उठाने की बजाय यह देखना चाहिए कि लाखों-करोड़ों श्रद्धालु किस भरोसे के साथ यहां आ रहे हैं।
मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अयोध्या में पिछले 12 सालों में हुए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के साथ ही बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। 66 किलोमीटर लंबी रिंग रोड के लिए 3418 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। राम की पैड़ी के आधुनिकीकरण पर 23.66 करोड़ रुपए खर्च, जिसमें दर्शक दीर्घा, विजिटर गैलरी, एमपी थिएटर और 300 मीटर लंबा घाट शामिल (20,000 श्रद्धालु बैठ सकेंगे)। गुप्तार घाट के पुनर्विकास पर 20.78 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इससे नदी, झील, पार्क, लाइटिंग और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया गया।
मंत्री ने कहा कि इन कार्यों से अयोध्या की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था बेहतर होगी, नेशनल हाईवे जुड़ेंगे और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर उनकी सरकार की उपलब्धियों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के 12 साल सिर्फ समय नहीं, बल्कि देश की तस्वीर और किस्मत बदलने का कालखंड रहे हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ उन्होंने गरीबों, पिछड़ों को मुख्यधारा से जोड़ा।
मंत्री ने सरकार के छह प्रमुख स्तंभों का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्ण विकास, गरीब कल्याण, राष्ट्र सुरक्षा, सीमाओं को मजबूत करना, ज्ञान-विज्ञान और मजबूत प्रशासन इन सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व काम हुआ है।
--आईएएनएस
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