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राम मंदिर ट्रस्ट भंग करके सीबीआई जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई हो : धर्म सेना प्रमुख संतोष दुबे

अयोध्या, 11 जुलाई (आईएएनएस)। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और अनियमितताओं के मामले को लेकर धर्म सेना प्रमुख संतोष दुबे ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, एसआईटी जांच और ट्रस्ट पदाधिकारियों पर कई आरोप लगाए। उन्होंने ट्रस्ट को तत्काल भंग करने, मामले की सीबीआई जांच कराने और जिन लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के राम मंदिर न जाने संबंधी बयान का समर्थन करते हुए कहा कि यह उनके मन की पीड़ा है।
 

अयोध्या, 11 जुलाई (आईएएनएस)। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और अनियमितताओं के मामले को लेकर धर्म सेना प्रमुख संतोष दुबे ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, एसआईटी जांच और ट्रस्ट पदाधिकारियों पर कई आरोप लगाए। उन्होंने ट्रस्ट को तत्काल भंग करने, मामले की सीबीआई जांच कराने और जिन लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के राम मंदिर न जाने संबंधी बयान का समर्थन करते हुए कहा कि यह उनके मन की पीड़ा है।

संतोष दुबे ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मौजूदा समय में राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली ऐसी नहीं है कि उस पर करोड़ों रामभक्तों का विश्वास कायम हो सके। ट्रस्ट के लोगों ने जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं किया और चोरी की घटना के बाद गठित एसआईटी पर भी लोगों का भरोसा नहीं है। इस मामले के वह पहले शिकायतकर्ता हैं, लेकिन उनकी तहरीर पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई। शिकायत में गोपाल राव, चंपत राय, अनिल मिश्रा और टीन्नू यादव के नाम थे, लेकिन बाद में दर्ज कराए गए मुकदमे में इन नामों को हटाकर दूसरे लोगों के नाम शामिल कर दिए गए। छोटे आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा दिखाया जा रहा है, जबकि जिन लोगों को वह मुख्य किरदार बताते हैं, वे आज भी खुलेआम घूम रहे हैं।

ट्रस्ट सदस्यों के कथित इस्तीफे पर संतोष दुबे ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वास्तव में इस्तीफा दिया गया है तो उसकी प्रति सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। इस्तीफे की बात केवल लोगों को भ्रमित करने के लिए कही जा रही है। जिन लोगों के इस्तीफे की चर्चा हो रही है, वे अब भी ट्रस्ट परिसर में सक्रिय दिखाई देते हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। एसआईटी स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रही है और अयोध्या पुलिस भी अपनी इच्छा से जांच नहीं कर पा रही। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने स्वयं उनसे कहा कि मामले में कथित रूप से प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने पर नौकरी खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि इसी कारण वे लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।

संतोष दुबे ने कहा कि उन्हें लगता है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्रवाई करना चाहते हैं, लेकिन परिस्थितियां ऐसी हैं कि वह भी प्रभावी कदम नहीं उठा पा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्तमान ट्रस्ट को भंग कर उसकी जगह चारों शंकराचार्यों और राम जन्मभूमि आंदोलन में शहीद हुए कारसेवकों के परिजनों को जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। इससे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर स्वतः रोक लग जाएगी।

संतोष दुबे ने देशभर के श्रद्धालुओं से रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या आने की अपील की। साथ ही, यह भी कहा कि जब तक विवाद का समाधान नहीं हो जाता, तब तक मंदिर में दान या चढ़ावा न चढ़ाएं। उन्होंने कहा कि श्रद्धा भगवान के प्रति बनी रहनी चाहिए, लेकिन दान का दुरुपयोग होने की आशंका को लेकर लोगों में चिंता है।

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के राम मंदिर न जाने संबंधी बयान पर संतोष दुबे भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक बयान नहीं बल्कि वर्षों तक मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे लोगों की पीड़ा है। बृजभूषण शरण सिंह और विनय कटियार जैसे लोगों ने आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और यदि आज वे आहत हैं तो उस पीड़ा को समझने की जरूरत है। अयोध्या में शहीद कारसेवकों, परमहंस रामचंद्र दास, अशोक सिंघल, रामकुमार कोठारी, शरद कोठारी और अन्य आंदोलनकारियों के नाम पर सड़कें और स्मारक होने चाहिए थे। उन्होंने लता मंगेशकर चौक का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि राम जन्मभूमि आंदोलन में योगदान देने वाले कारसेवकों और संतों को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई?

संतोष दुबे ने ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों पर भूमि खरीद, मंदिर संपत्तियों और अन्य मामलों में भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कई मामलों में अनियमितताएं हुई हैं और इनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। यदि किसी पर आरोप हैं तो निष्पक्ष जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आनी चाहिए। वह इस मामले को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

--आईएएनएस

पीएसके/एबीएम