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राम मंदिर के बाद भोजशाला पर आया बड़ा न्यायिक निर्णय: विष्णु शंकर जैन

इंदौर, 15 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार स्थित भोजशाला को लेकर शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने भोजशाला परिसर को मंदिर माना है। इस फैसले पर वकील विष्णु शंकर जैन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राम मंदिर के फैसले के बाद आज इस देश की न्यायपालिका ने एक बहुत ही ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
 
राम मंदिर के बाद भोजशाला पर आया बड़ा न्यायिक निर्णय: विष्णु शंकर जैन

इंदौर, 15 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार स्थित भोजशाला को लेकर शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने भोजशाला परिसर को मंदिर माना है। इस फैसले पर वकील विष्णु शंकर जैन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राम मंदिर के फैसले के बाद आज इस देश की न्यायपालिका ने एक बहुत ही ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।

वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि भोजशाला में स्थित मां सरस्वती और मां वाग्देवी के मंदिर से जुड़ा एक मामला 2022 में इंदौर हाईकोर्ट में दायर किया गया था। याचिकाकर्ता ने कहा कि पूरा भोजशाला परिसर एक हिंदू मंदिर स्थल है। यहां मां वाग्देवी और मां सरस्वती की मूर्तियां स्थापित हैं और ऐतिहासिक रूप से यह संस्कृत शिक्षा का केंद्र रहा है। इसलिए हमें यहां पूजा करने का विशेष अधिकार दिया गया है।

विष्णु शंकर जैन ने कहा कि चार साल की कानूनी लड़ाई के बाद आज एएसआई के 2100 पन्ने के सर्वे रिपोर्ट के बाद इंदौर उच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला दिया। हाईकोर्ट ने इस पूरे परिसर के चरित्र को एक हिंदू मंदिर का चरित्र माना है। साथ ही साथ हाईकोर्ट ने ब्रिटिश संग्रहालय में रखी मां सरस्वती की प्रतिमा को वापस लाने के लिए सरकार से विचार करने को कहा है।

अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि यहां पर मुस्लिम पक्ष की ओर से हर शुक्रवार को जो नमाज अदा की जाती है। कोर्ट ने उस आदेश को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। जब तक हाईकोर्ट का फैसला प्रभारी है, तब तक नमाज अदा नहीं की जाएगी। कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष से कहा है कि अगर वे मस्जिद के लिए कोई जगह चाहते हैं तो सरकार को आवेदन दे सकते हैं। सरकार उस आवेदन पर जमीन देने के लिए विचार करेगी।

विष्णु शंकर जैन ने कहा कि 7 अप्रैल 2003 का एएसआई का नोटिफिकेशन है, जो नमाज अदा करने की इजाजत देता है। हाईकोर्ट ने आज उसको पूरी तरह से रिजेक्ट किया है। वहां पूरी तरीके से पूजा होगी, क्योंकि नमाज के आदेश को हाईकोर्ट ने निरस्त किया है। उन्होंने कहा कि जैन समाज की याचिका को भी कोर्ट ने खारिज किया है।

--आईएएनएस

एसडी/वीसी